राज्य के सबसे पुराने रांची कॉलेज को तीन वर्ष पहले अपग्रेड कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी (डीएसपीएमयू) बनाया गया। यूनिवर्सिटी की पोस्ट क्रिएशन कमेटी द्वारा छात्रों की संख्या को ध्यान में रखकर 28 विषयों में शिक्षकों के 196 नए पद सृजित किए गए थे। इसमें असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के पद शामिल हैं। शिक्षकों का पद क्रिएट करने के बाद आगे की कार्यवाही के लिए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में प्रस्ताव भेजा गया था।
यह प्रस्ताव पिछले दो वर्ष से विभाग में पेंडिंग है। इधर, यूनिवर्सिटी प्रशासन पद सृजन को लेकर चार बार स्मार पत्र (रिमाइंडर) भेज चुका है। शिक्षकों का पद सृजित नहीं होगा तो यूजी और पीजी की पढ़ाई कैसे संचालित की जाएगी और रिसर्च वर्क कैसे होगा, यह बड़ा सवाल है। इधर, इसी सेशन से यूजी और पीजी स्तर पर कॉमर्स स्ट्रीम की पढ़ाई शुरू हो रही है। यूजी कॉमर्स में एडमिशन कार्य पूरा कर लिया गया है, लेकिन, कॉमर्स स्ट्रीम के एक भी स्थाई शिक्षक नहीं है।
वीसी बोले-पढ़ाई के साथ-साथ रिसर्च वर्क भी हो रहा प्रभावित
मानक के अनुसार किसी विषय में शिक्षक नहीं
यूजीसी मानक के अनुसार प्रत्येक विषय में एक प्रोफेसर, दो एसोसिएट प्रोफेसर और एक प्रोफेसर का होना जरूरी है। लेकिन मानक के अनुसार किसी भी विषय में शिक्षक नहीं हैं। स्थिति इतनी खराब है कि वर्तमान समय में डीएसपीएमयू में एक भी यूनिवर्सिटी प्रोफेसर नहीं है।
अभी सिर्फ 58 शिक्षकों के भरोसे हो रही पढ़ाई
यूनिवर्सिटी बनने से पहले रांची कॉलेज में शिक्षकों के कुल 160 पद सृजित थे। लेकिन वर्तमान समय में इसमें से सिर्फ 58 शिक्षक हैं। वहीं छात्रों की संख्या लगभग 10 हजार है।
कर्मचारियों के 277 पद सृजित का प्रस्ताव पेंडिंग
कर्मचारियों के 277 पद सृजित करने का प्रस्ताव पोस्ट क्रिएशन कमेटी द्वारा तैयार किया गया था। इसके बाद इसे उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को भेजा गया था। लेकिन यह प्रस्ताव भी पेंडिंग है।
कांट्रैक्ट शिक्षकों के भरोसे चल रही क्लास
शिक्षकों की कमी को देखते हुए कामचलाऊ व्यस्था के तहत अनुबंध शिक्षकों के माध्यम से क्लास संचालित की जा रही है। नए सेशन में 22 विषयों में अनुबंध पर शिक्षक नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
सीधी बात: डॉ. एसएन मुंडा, वीसी
शिक्षकों की कमी का क्या प्रभाव पड़ रहा है?
- यूनिवर्सिटी बनने के बाद शिक्षकों व कर्मियों के नए पद सृजित करने के लिए शिक्षा विभाग में प्रस्ताव भेजा गया था?
- प्रस्ताव भेजने के बाद शिक्षा विभाग को तीन-चार रिमाइंडर भी दिया जा चुका है लेकिन इसका भी जवाब नहीं मिला है।
- शिक्षकों की कमी का क्या प्रभाव पड़ रहा है?
- पढ़ाई के साथ-साथ रिसर्च वर्क भी प्रभावित हो रहा है।
- अभी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर पद पर कितने शिक्षक हैं?
- डीएसपीएमयू में प्रोफेसर पद पर एक भी शिक्षक नहीं हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3exMlMk
via IFTTT
Comments
Post a Comment