उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे से वार्ता के बाद राज्य के बार संचालकों ने अपना आंदोलन वापस लेते हुए अपने बार खोलने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिन बार संचालकों ने वार्षिक लाइसेंस फीस की राशि पहले ही जमा कर दी थी। वे लोग तत्काल अपना बार खोल सकेंगे।
जबकि अन्य लोग लाइसेंस फीस जमा करने के बाद ही बार खोलेंगे। बार संचालकों के संघ से जुड़े अध्यक्ष रंजन कुमार ने कहा, उत्पाद सचिव ने बताया कि शुल्क माफ करने की प्रक्रिया लंबी होती है। बार संचालक चाहें, तो पूरी राशि जमा कर बार खोल सकते हैं। अगर सरकार ने लाइसेंस फीस कम करने के मुद्दे पर कोई निर्णय लिया, तो इसका लाभ उन्हें अगले वित्तीय वर्ष में राशि के समायोजन के माध्यम से दिया जाएगा।
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