धनबाद जिला की भाैगाेलिक और बढ़ती आबादी काे देखते हुए अगले 5 साल के लिए दीर्घकालिक जलापूर्ति याेजना बनाई जाएगी। पहले से संचालित सभी जलापूर्ति याेजनाओं के क्रियान्वयन और माॅनिटरिंग की नीति तैयार की जाएगी, जिससे शहर और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लाेगाें काे भविष्य में किसी तरह के पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़े। यह निर्णय डीसी उमा शंकर सिंह के निर्देश पर बनी तकनीकी समिति की बैठक में लिया गया।
बुधवार काे एडीएम लाॅ एंड ऑर्डर चंदन कुमार की अध्यक्षता में तकनीकी कमेटी की बैठक हुई, जिसमें शहर के विस्तारीकरण और बढ़ती आबादी काे देखते हुए बृहत एक्शन प्लान तैयार करने काे लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल 1 के कार्यपालक अभियंता मनीष कुमार वर्णवाल व प्रमंडल 2 के कार्यपालक अभियंता भीखराम भगत, झमाडा तकनीकी सदस्य इंद्रेश कुमार, निगम के उदय प्रसाद कश्यप, कोरनालियस मुर्मू, डीएमएफटी प्रोजेक्ट ऑफिसर शुभम सिंघल व अन्य लोग उपस्थित थे।
सभी विभाग एक दिन में रिपाेर्ट उपलब्ध कराएं
एडीएम लाॅ एंड ऑर्डर का कहना है कि समीक्षा के दौरान निगम, पीएचईडी, झमाडा सहित सभी एजेंसियाें से पूर्व में संचालित सभी जलापूर्ति योजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट एक दिन के अंदर उपलब्ध कराने काे कहा गया है। साथ ही विभिन्न जलापूर्ति याेजनाओं के पाइप लाइन का मानचित्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
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