बालूमाथ प्रखंड स्थित सीसीएल द्वारा संचालित मगध कोल प्रोजेक्ट के आरा गांव में ग्रामीणों और सीसीएल की एक बैठक आयोजित की गयी ।बैठक की अध्यक्षता पूर्व मुखिया रविन्द्र उरांव ने की। बैठक में मगध-संघमित्रा के जीएम केके सिन्हा, परियोजना पदाधिकारी अशोक कुमार सहित कई सीसीएल पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक बंद पड़े आरा कोल माइंस को खुलवाने को लेकर रखी गई थी।
बैठक में ग्रामीणों ने रोजगार, पुनर्वास, नौकरी, ट्रांसपोर्टिंग कंपनियों में रोजगार देने, गैरमजरूआ जमीन के लिए जल्द से जल्द रसीद निर्गत कराने वही जमीन का दर निर्धारित करने सहित विभिन्न मांगों से जीएम को अवगत कराया। इसका जवाब देते हुए जीएम केके सिन्हा ने कहा माइंस खुलने के बाद अधिक से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ा जाएगा। वहीं पुनर्वास पर बोलते हुए कहा कि लातेहार डीसी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर इस पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। वहीं दर निर्धारण को लेकर जल्द ही निर्णय लेकर उपायुक्त को साथ बैठक होगी ।वही गैरमजरूआ भूमि मामले को लेकर कहा मामला उच्चस्तरीय है इसको भी दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
परियोजना पदाधिकारी अशोक कुमार ने कहा जिन लोगो को रैयती जमीन है प्रति दो एकड़ पर अगर पारिवारिक सहमति प्राप्त है तो चार माह के भीतर नौकरी दे दी जाएगा। अब तक फेज थ्री चमातु में तीन माह 57 नौकरी दे गयी है वहीं और 46 लोगों को और नौकरी डेढ़ माह के भीतर लोगों को नौकरी दी जाएगी।
पुनर्वास पर कहा कि कमेटी गठन कर पांच लोगों के नाम की मांग की गई है, जो अब तक नही मिल पाया है। साथ ही पुनर्वास स्थल का चयन करने की बात कही। वहीं एक नियम से अवगत कराते हुए परियोजना पदाधिकारी ने कहा कि अगर किसी रैयत का दो एकड़ से कम जमीन है तो प्रति डिसमिल 150 रुपया दिया जाएगा, जिसमें सभी ग्रामीणों ने हामी भरते हुए जल्द ही माइंस का काम शुरू होने की बात कही।
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