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जिले में सोमवार को विभिन्न जगहों पर आंवला पूजन हुआ। इस क्रम में थाना चौक निकट स्थित श्रीराम मंदिर फुलवारी में सोमवार को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आंवला नवमी का त्योहार मनाया गया।

मंदिर में निकट आंवला पेड़ के नीचे आचार्य प्रभाकर पाठक, आनंद पांडेय द्वारा विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना सम्पन्न कराई गई। पूजा के बाद महिलाओं ने अपने परिवार के सुख शांति के लिए आंवला वृक्ष की परिक्रमा की। जिसके बाद आंवला वृक्ष के नीचे पकवानों का भोग लगाया गया। तत्पश्चात उन्हीं पकवानों से व्रत भी खोला गया।

मौके पर आचार्य प्रभाकर पाठक द्वारा महिलाओं को इस पूजा की महत्ता बतायी गई। उन्होंने बताया कि नवमी के दिन आंवला वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है। हिंदू धर्मों में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक अक्षय नवमी को कहा जाता है। अक्षय नवमी के किए गए दान या किसी धर्मार्थ कार्य का लाभ व्यक्ति को वर्तमान और अगले जन्म में भी प्राप्त होता है।

इस पर्व को बेहद ही श्रद्धा और समर्पण के साथ मनाया जाता है। मौके पर महिलाओं द्वारा सामूहिक पूजन, वृक्ष परिक्रमा सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा पूर्वक संपन्न किये जाते हैं। आचार्य ने बताया कि अहले सुबह स्नान करने के बाद आंवला पेड़ पर कच्चा दूध, हल्दी, रौली लगाया जाता है। इसके बाद आंवला पेड़ की परिक्रमा कर व्रती मौली बांधती है। जिसके बाद आंवला के पेड़ पर दूध, सिंदूर, चंदन से तिलक कर शृंगार का सामान चढ़ाया जाता है।



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