मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दिवाली डिप्लोमेसी जारी है। मंगलवार को उन्होंने दिल्ली से नागपुर जाकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। उन्हें दीपावली की शुभकामनाओं के साथ राज्य के विकास से जुड़ी कुछ मांगों की फेहरिस्त भी थमा आए।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री से छत्तीसगढ़ में तीन नए राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की। इनमें रायगढ़-घरघोड़ा-धरमजयगढ़-पत्थलगांव मार्ग, अम्बिकापुर-वाड्रफनगर-बम्हनी-रेनूकूट-बनारस मार्ग और पंडरिया-बजाग-गाड़ासरई मार्ग शामिल हैं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया, ये मार्ग आदिवासी बहुल क्षेत्रों से गुजरते हैं। इसके अलावा ये मार्ग भारतमाला प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रस्तावित मार्गों को भी जोड़ते हैं। इन मार्गों में यातायात घनत्व की सघनता है। इन मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने से राज्य के आदिवासी बहुल क्षेत्रों का तेजी से विकास होगा। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग और सैद्धांतिक राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण, पुनर्निर्माण के लिए 11024.39 करोड़ रुपए के प्रस्तावित कार्यों को स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री सोमवार को ही दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। सोमवार शाम उन्होंने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और दूसरे कांग्रेस नेताओं से भेंट की। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़ी मांगे रखी थीं। गडकरी के नागपुर में होने की जानकारी के बाद उन्होंने वहीं जाकर मुलाकात का तय किया और नागपुर पहुंच गए।
5 सड़कों को वार्षिक कार्ययोजना में शामिल करने की भी मांग
मुख्यमंत्री ने मुंगेली से पण्डरिया मार्ग, मददंमुड़ा से देवभोग, अभनपुर से पोण्डमार्ग, झलमला-बालोद-शेरपार मार्ग और जयनगर में आरओबी निर्माण को 2020-21 की वार्षिक कार्ययोजना में शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया, इन सड़कों की कुल लंबाई 148 किलोमीटर और इनकी कुल लागत 1 हजार 414 करोड़ रुपए है। इन सड़कों के लिए DPR तैयार कर केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग को भेजा गया है।
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