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पिछले साल के मुकाबले इस बार दिवाली की रात पटाखों से शोर कम, हवा में प्रदूषण का लेवल भी घटा

दीपावली पर राजधानी-प्रदेश के लिए अच्छी खबर ये है कि इस साल पटाखों ने पिछले साल की तुलना में कम प्रदूषण उगला और शोर भी कम रहा है। राजधानी रायपुर की हवा में ही प्रदूषण पिछले साल के मुकाबले करीब 6 प्रतिशत (5.89) कम हुआ है। यही नहीं, शोर में भी लगभग 6 डेसीबल की कमी दर्ज की गई है। एनजीटी के निर्देश के बाद सरकारी तंत्र ने पटाखे जलाने की अवधि और टाइमलाइन तय कर दी थी, हालांकि राजधानी में आधी रात के बाद तक पटाखे फूटे। ज्यादा महत्वपूर्ण कारण यही माना जा रहा है कि लोगों ने शोर मचाने वाले पटाखों की जगह सीमित मात्रा में रोशनी वाले पटाखों को प्राथमिकता दी, इसका असर ज्यादा हुआ है।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की ओर से दीपावली की रात रायपुर के अलावा भिलाई और बिलासपुर में भी हवा में प्रदूषण की रीडिंग लेकर औसत निकाला गया है। इसके अनुसार बिलासपुर में वायु प्रदूषण में 7.5 प्रतिशत और भिलाई में 9.3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसके मुताबिक राजधानी में औसत परिवेशीय वायु गुणवत्ता (पीएम-10) अर्थात हवा में धूल के कणों की संख्या इस वर्ष 64.33 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रही। इसी तरह सल्फर डाईआक्साइड गैस का स्तर भी 5.30 प्रतिशत कम होकर 16.60 और नाइट्रोजन आक्साइड गैस का स्तर लगभग 4.7 प्रतिशत कम होकर 25.75 पाया गया।  

कोतवाली, आसपास सर्वाधिक
वायु प्रदूषण पी.एम. 10 सिटी कोतवाली 71.0, एम्स हॉस्पिटल के पास 56.6 एवं जिला अस्पताल शंकर नगर के पास पंडरी 65.33 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर पाया गया। न्यायधानी बिलासपुर में ऑफिस बिल्डिंग व्यापार विहार में वायु प्रदूषण पी.एम. 10 की मात्रा 55.0 तथा ट्रेफिक थाने के पास वायु प्रदूषण पी.एम. 10 की मात्रा 68.0 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर पायी गई।
सिविक सेंटर में ज्यादा प्रदूषण
भिलाई-दुर्ग में पर्यावरण संरक्षण मंडल के विशेषज्ञों के अनुसार भिलाई के 32-बंगला क्षेत्र में हवा में पीएम-10 की मात्रा 55.4 और सिविक सेंटर में 63.8 माइक्रोग्राम प्रति-घनमीटर रिकार्ड की गई। इसी तरह, सिटी कोतवाली दुर्ग में पीएम-10 की मात्रा 66.2 माइक्रोग्राम प्रति-घनमीटर पायी गई। वहां सल्फर-डाई आक्साइड और नाइट्रोजन आक्साइड गैस का स्तर लगभग 21.2 प्रतिशत कम होकर 11.1 पाया गया।

ये उपाय किए

  • दीपावली पर जनता से पटाखों का उपयोग करते समय पर्यावरण नियमों व एनजीटी की गाइड-लाइन का भी पालन करने की अपील की।
  • प्रदूषण रहित दिवाली का त्यौहार मनाने मण्डल ने शहर में जगह-जगह होर्डिंग्स लगवाए।
  • {एफएम चैनल एवं डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से भी इसका प्रचार-प्रसार किया।
  • सीएस एवं मंडल के अध्यक्ष आरपी मंडल ने कलेक्टरों व एसपी को भी एनजीटी के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने कहा।
  • मंडल के सदस्य सचिव आरपी तिवारी के अनुसार समन्वित प्रयासों से दीपावली के दौरान वायु प्रदूषण के स्तर में गिरावट दर्ज की।

राजधानी में शोर भी कम : रायपुर शहर में दीपावली के दिन ध्वनि प्रदूषण में भी लगभग 3.62 प्रतिशत कमी पायी गयी। इस बार रायपुर में ध्वनि की औसत तीव्रता 65.53 डेसीबल दर्ज की गयी। इसका बड़ा कारण यह भी माना जा रहा है कि लोगों ने इस बार रोशनी और कलर्स वाले पटाखे जलाना अधिक पसंद किया, खासकर ऊंचाई पर जाकर फटने वाले पटाखे।



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Noise less than firecrackers on Diwali night, compared to last year; Air pollution level also reduced


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