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इस बार व्रती ही देंगे अर्घ्य, परिजन शामिल नहीं होंगे

सूर्य पूजा का महापर्व ‘छठ’ कोरोना संक्रमण के बीच बुधवार से शुरू हो गया है। गुरुवार को भोजपुरी समाज के घरों में लोहंडा खरना किया गया। यानी बुधवार रात से शुरू हुए व्रत का रोटी-खीर से पारणा किया गया। इसके बाद ही मुख्य व्रत शुरू हो गया जो अब 36 घंटे बाद यानी शनिवार सुबह उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ खत्म होगा। इससे पहले शुक्रवार को संझा अर्घ्य दिया जाएगा।
इस मौके पर शहर के करीब 40 घाटों में लोग पूजा करने के लिए जुटेंगे। हालांकि, इस बार केवल व्रती और परिवार के एक सदस्य को मिलकर ही यह पूजा संपन्न करानी होगी क्योंकि कोविड-19 के चलते सीमित लोग ही घाट में इकट्ठा हो सकेंगे। पहले की तरह पूरा परिवार पूजा में शामिल नहीं हो सकेगा। मुख्य आयोजन महादेवघाट में होगा। छठ महापर्व समिति के अध्यक्ष राजेश सिंह ने बताया कि इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे। न ही मेला सजेगा। मास्क पहनकर आना अनिवार्य है। समिति ने अपनी ओर से 2 हजार मास्क की व्यवस्था की है।

  • आज सूर्यास्त का अर्घ्य: 5:21 बजे
  • कल सूर्योदय का अर्घ्य: 6:17 बजे

महादेवघाट पहुंचे मेयर
शुक्रवार के संझा अर्घ्य से पहले महापौर एजाज ढेबर ने महादेवघाट में पूजा की तैयारियों का निरीक्षण किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने उन्हें बताया कि इस बार भंडारा नहीं होगा। मेयर ने अपील की है कि कोरोना से बचाव को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम संपन्न कराया जाए। इस दौरान विपिन सिंह, परमानंद सिंह, रवींद्र सिंह, पंकज अग्रवाल, वेदनारायण सिंह, रवींद्र शर्मा मौजूद रहे।

छठ पर अवकाश के लिए जताया सीएम का आभार
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन ने छठ पूजा पर सार्वजनिक अवकाश के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार माना है। कन्फेडरेशन के सचिव वाई गोपालकृष्णा ने कहा कि सीएम ने सभी बैंक के अधिकारी-कर्मचारियों, उनके परिजनों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया।



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तस्वीर-बूढ़ातालाब।


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