भूपेश बघेल सरकार की कैबिनेट बैठक 28 नवंबर को बुलाई गई है। बैठक में धान खरीदी और मंडी संशोधन विधेयक सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। अगले माह दिसंबर में विधानसभा का शीतकालीन सत्र भी शुरू हो रहा है। माना जा रहा है कि सत्र हंगामेदार हो सकता है। ऐसे में सरकार बैठक में सदन की कार्यवाही को लेकर भी चर्चा कर सकती है।
दरअसल, भूपेश सरकार 1 दिसंबर से धान खरीदी की शुरुआत करने जा रही है। इसकी तैयारियों को लेकर सरकार कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती। किसान और धान के मुद्दे को लेकर सरकार लगातार सजग है। इसकी तैयारियों पर मंत्रियों से चर्चा होगी। धान खरीदी के लिए सबसे ज्यादा दिक्कत बारदाना की है। उसकी किल्लत को दूर करने के लिए रणनीति बनाई जा सकती है।
मंडी संशोधन विधेयक विधानसभा में पास, पर राज्यपाल के पास अटका
मंडियों पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार के पिछले महीने विशेष सत्र में पारित किए कृषि उपज मंडी संशोधन विधेयक पर राज्यपाल अनुसुइया उइके ने हस्ताक्षर नहीं किया है। इससे एक नया विवाद खड़ा हो गया है। बताया गया है कि इस विधेयक को लेकर राज्यपाल विधि विशेषज्ञों की राय ले रही हैं। वहीं इस नई समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री बैठक में मंत्रियों से चर्चा कर सकते हैं।
विधानसभा का शीतकालीन सत्र 21 से 30 दिसंबर तक, हंगामेदार होने के आसार
विधानसभा के शीतकालीन सत्र की अधिसूचना जारी हो गई है। 21 दिसंबर से शुरू कर सत्र 30 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। सत्ता पक्ष जहां कई अहम विधेयकों को सदन में लेकर आने की तैयारी कर रहा है, वहीं विपक्ष धान खरीदी में अव्यवस्था, राजीव गांधी किसान न्याय योजना की किस्त, बिगड़ती कानून व्यवस्था समेत कई विषयों पर सरकार को घेरने की कोशिश करती नजर आएगी।
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