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भीड़ न लगे इसलिए रजिस्ट्री दफ्तर के नए भवन में हर फ्लोर पर उपपंजीयक ऑफिस

कलेक्टोरेट परिसर में स्थित पंजीयन दफ्तर भी अब नया और हाईटेक बनेगा। अभी पुरानी बिल्डिंग में उपपंजीयक को एक कमरा दिया गया है। सभी के कमरे एक-दूसरे से लगे होने की वजह से लोगों की भीड़ लग जाती है। कोरोना में सोशल और फिजिकल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने के लिए पंजीयन दफ्तर नए सिरे से बनाया जाएगा। इसके लिए प्लान तैयार कर लिया गया है। ड्राइंग और डिजाइन भी तैयार हो रहा है। कलेक्टोरेट के सौंदर्यीकरण के दौरान ही इस पुरानी बिल्डिंग को तोड़ा जाएगा। फिलहाल अस्थायी रूप से रजिस्ट्री दफ्तर को कहां शिफ्ट किया जाए, इसके लिए जगह खोजी जा रही है। नई जगह मिलने के साथ ही पुराना भवन तोड़ दिया जाएगा। अफसर फिलहाल ऐसे शासकीय भवन की तलाश कर रहे हैं जो खाली हो जहां इस दफ्तर को शिफ्ट किया जा सके।
नया पंजीयन दफ्तर करीब पांच फ्लोर का होगा। हर एक फ्लोर में एक उपपंजीयक का दफ्तर होगा। जिससे लोग आसानी से वहां अपनी बारी का इंतजार कर सकेंगे। अभी सभी लोग दफ्तर के वेटिंग हाल में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। नई बिल्डिंग में हर फ्लोर में अलग-अलग एरिया के लोगों को रखा जाएगा। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा कम से कम हो जाएगा। नए भवन में लिफ्ट, वाई-फाई, सर्वर रूम और मुख्य पंजीयक का दफ्तर भी होगा। यहां ई-स्टांप और ऑनलाइन बुकिंग के लिए अलग से दो-दो काउंटर होंगे। नए भवन में स्क्रीन भी लगाई जाएगी जिसमें लोग अपने टोकन नंबर को देख सकेंगे। किस अफसर के पास किस टोकन नंबर को जाना है इसकी जानकारी भी स्क्रीन पर दिखाई देगी।

अभी दो रिकाॅर्डकीपर भी कर रहे रजिस्ट्री : रायपुर रजिस्ट्री दफ्तर में वरिष्ठ उपपंजीयक आरएल साहू की कोरोना से मृत्यु के बाद विभाग के ही दो रिकार्डकीपर को रजिस्ट्री करने का काम सौंपा गया है। दफ्तर में दो महिला और एक पुरुष पंजीयक पहले से ही रजिस्ट्री कर रहे हैं। मुख्य पंजीयक बीएस नायक ने बताया कि नियमों के तहत ही पदोन्नत हुए कर्मचारियों को रजिस्ट्री करने का काम सौंपा गया है। उपपंजीयकों की कमी को दूर करने तत्काल यह व्यवस्था बनाई गई थी। नायक को रायपुर के साथ ही गरियाबंद जिले के भी रजिस्ट्री का काम सौंपा गया है।

नई सड़क और पार्किंग से परेशानी कम होगी
रजिस्ट्री दफ्तर तक पहुंचने के लिए खालसा स्कूल की ओर बने ऑक्सीजोन से नई सड़क का भी निर्माण कर दिया गया है। ऑक्सीजोन या पंडरी सड़क से आने वाले लोग सीधे पंजीयन दफ्तर में प्रवेश कर सकेंगे। इससे कलेक्टोरेट के मुख्य प्रवेश द्वार से इंट्री करने वाली गाड़ियों का दबाव भी इससे कम होगा। अभी सभी की गाड़ियां पंजीयन दफ्तर के बाहर बनी पार्किंग में खड़ी की जाती हैं। यहां पार्किंग ठेकेदार से कई बार लोगों का विवाद हो जाता है। लोगों का कहना है कि ठेके के कर्मचारी उनसे दुर्व्यवहार करते हैं। नई मल्टीलेवल पार्किंग बनने के बाद गाड़ियां खड़ी करने की दिक्कत भी खत्म हो जाएगी।



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There should not be any rush, so in every building in the new office of the Registry office, the subregional office


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