केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बस्तर में माओवादियों के खिलाफ नई रणनीति के तहत ऑपरेशन शुरू करने के लिए यहां केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने का फैसला कर लिया है। अगले कुछ दिन में बस्तर में 5 नई केंद्रीय बटालियनें तैनात करने का फैसला किया गया है। यह बात अलग है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कुछ दिन पहले गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर बस्तर के लिए 7 अतिरिक्त केंद्रीय बटालियनें भेजने का आग्रह किया था। इसमें 2 की कटौती करते हुए केंद्र ने 5 बटालियन भेजना ही मंजूर किया है। बिहार में नीतीश कुमार के शपथ से दो घंटे पहले रायपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए बड़ा बयान दिया। बघेल ने कहा कि जो सरकार बनी है, वो कब तक टिकेगी देखना होगा। सुशील मोदी जैसे अनुभवी नेताओं को क्यूं हटाया गया, दो कम अनुभवी नेताओं को डिप्टी सीएम बना रहे हैं, आखिर माजरा क्या है, ये सरकार सिर्फ बंगाल चुनाव तक टिक पाएगी।
दिल्ली रवाना होने से पहले पत्रकारों से चर्चा में सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि कल प्रदेश प्रभारी से चर्चा करुंगा, इसके बाद निगम और मंडलों में नियुक्ति फाइनल होगा। वहीं नक्सलवाद पर केंद्रीय गृह मंत्री को लिखे पत्र पर भाजपा के तंज पर पलटवार करते हुए कहा,भाजपा 15 साल में नक्सलवाद खत्म नहीं कर पाई, जैसे-जैसे इलाज करते गए मर्ज बढ़ता गया, यही भाजपा की उपलब्धि है।
बघेल अपने सुझावों पर खुद ठोस पहल करें-भाजपा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र पर भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि चिट्ठियां लिखने के बजाय मुख्यमंत्री बघेल ख़ुद उन अनेक मुद्दों पर पहल कर सकने में सक्षम हैं, जिनके संबंध में उन्होंने अपने पत्र में लिखा है। साय ने कहा कि बघेल उन्हें सुझाव देने के बजाय सुझावों पर ख़ुद ठोस पहल करें।नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि माओवाद पर काबू पाने के लिए सरकार के पास कोई सख्त कार्ययोजना नहीं है। पूर्व गृहमंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बार बार पत्र लिखकर सरकार पत्रों के महत्व को कम कर रही है।
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