Skip to main content

मेडिकल कॉलेज में बेटी का दाखिला कराने के चक्कर में अंतरराज्यीय बदमाशों के चंगुल में फंसे सीनियर डॉक्टर, 26.68 लाख लूटे

शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डा. बेदप्रकाश पटेल से अंतरराज्यीज बदमाशों ने 26 लाख 68 हजार 20 रुपए ठग लिए। डॉ. पटेल की बेटी का दाखिला स्पेशल कोटे से रांची (झारखंड) के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स, सरकारी मेडिकल कॉलेज) में कराने के नाम पर तीन से अधिक ठगों ने बैंक खातों में रुपए डलवाने के साथ 21 लाख रुपए नकद लिए। डॉक्टर की शिकायत पर कोतवाली थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ धारा 420, 34 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है।

ठगों ने इस तरह की जालसाजी

डॉ बेदप्रकाश पटले की बेटी 2020-21 नीट में शामिल हुई थीं। वे टेस्ट पास नहीं कर पाईं। संभवत: ठगों को कहीं से डाटा मिला और 27 अक्टूबर को मोबाइल नं. 9737520874 से एक महिला ने डॉक्टर पटेल को फोन किया। कहा, मैं मेडिकल कॉलेज की एजेंट बोल रही हूं। अगर आप चाहें तो आपकी बेटी का दाखिला रांची के मेडिकल कॉलेज रिम्स में हो जाएगा।

डॉ. पटेल ने रुचि दिखाई तो महिला ने उन्हें निगम पंडा नामक एक एजेंट से मोबाइल नं. 7058595126 (महाराष्ट्र सर्कल का नंबर) पर बात करने के लिए कहा। पंडा ने बताया कि वह मेघालय के सेंट्रल पुल कोटे से दाखिला करा सकता है। एमबीबीएस में सीट के लिए प्रोसेसिंग और दूसरी फीस मिलाकर 30 लाख रुपए देने होंगे । 27 अक्टूबर को निगम ने कोमोलिका का आधार कार्ड, नीट स्कोर कार्ड तथा अन्य दस्तावेज मोबाइल पर मांगे।

इतने पेंच दिखें तो ठगी का शक करें, तस्दीक भी... इस केस से समझिए

पहली गलती: 28 अक्टूबर को निगम पंडा ने फोन कर कहा, बेटी के दाखिले के लिए बैंक एकाउंट नंबर 50259857683 (आईएफसीकोड एएलएलए 0213225) में प्रोसेसिंग फीस के 48 हजार 520 रुपए जमा कराइए। आईएफएससी कोड इलाहाबाद बैंक गया बिहार का है। वरिष्ठ डॉक्टर नहीं समझ पाए कि कोटा मेघालय का, एजेंट महाराष्ट्र का है और कॉलेज रांची में है तो फिर गया शहर के बैंक में रुपए क्यों जमा कराए जा रहे हैं। रुपए मिलने के बाद पंडा ने जमा की गई रुपयों की रसीद डॉ. पटेल के मोबाइल पर भेज दी।

दूसरी भूल: ठग पंडा ने डॉ. पटेल से कहा, 5-7 दिन में एडमिशन कंफर्म हो जाएगा, रांची आकर 5 लाख दीजिए। 4 नवंबर को डॉ पटेल, बेटी और अपने स्टाफ के साथ रांची पहुंचे। रिम्स के कैम्पस में ही किसी बंद ऑफिसनुमा भवन में मिले। यहां निगम के साथ सुरेश बाबू भी था। कागजात दिखाकर बताया, एडमिशन पक्का है। यहां ठगों ने कॉलेज के एलुमनी और अलग चार्ज बताकर 19 हजार 500 रुपए जमा कराए। 5 नवंबर को ही निगम पंडा और सुरेश बाबू डॉ. पटेल के घर रायगढ़ आए और नकद 21 लाख रुपए ले गए।

तीसरी चूक: ठगों ने 25 लाख के बदले 21 लाख रुपए नकद लिए। बाकी के 4 लाख साहिका मर्चेंट प्राइवेट लिमिटेड के खाता नंबर 0125360000004580 (आईएफएससी कोड एलएवीबी0000125) में जमा कराने के लिए कहा। यह कोलकाता के अलीपुर स्थित लक्ष्मी विलास बैंक का अकाउंट है। हालांकि डॉ. पटेल ने इस खाते में रुपए नहीं डाले।

...तब तक हो चुकी थी देर

5 नवंबर को 21 लाख देने के बाद निगम और सुरेश की तरफ से कोई जवाब नहीं आया तो डॉक्टर पटेल 24 नवंबर को सीधे रांची के रिम्स पहुंचे और सुरेश बाबू और निगम पंडा के संबंध में पूछताछ की। ठगों द्वारा दी गई रसीद, अनापत्ति प्रमाण पत्र और स्वीकृति पत्र दिखाया तो कॉलेज के प्रबंधन ने सब फर्जी बताया, यह भी कहा कि कॉलेज में कोई सुरेश और निगम काम नहीं करते हैं। इसके बाद डॉ. पटेल ने कोतवाली थाने जाकर निगम पंडा, सुरेश बाबू व अन्य के खिलाफ ठगी की शिकायत की।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Senior doctor caught in the clutches of interstate miscreants, robbed of 26.68 lakhs due to admission of daughter in medical college


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3nXtqye
via

Comments