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मेकॉज में 2 कोविड टीम बनीं, इधर 3 संक्रमितों की मौत

मेडिकल कॉलेज में कोविड ड्यूटी लगाने का विवाद अंतत: अब खत्म हो गया है। यहां दो धड़ों में बंटे डाॅक्टरों के बीच का विवाद सुलझाते हुए दो धड़ों के डाॅक्टरों को मिलाकर अलग-अलग दो टीमें बनाई हैं। अब मेकॉज के कोविड वार्ड में डाॅक्टरों की दो टीमें काम करेंगी। हर टीम तीन-तीन महीने कोविड हॉस्पिटल की जिम्मेदारी संभालेंगी।
मिली जानकारी के अनुसार मेकॉज के कोविड हॉस्पिटल में डयूटी लगाने को लेकर विवाद हुआ था। मेकॉज के कुछ डाॅक्टरों का आरोप था कि बार-बार कुछ चुनिंदा डाॅक्टरों की ड्यूटी कोविड हॉस्पिटल में लगाई जा रही है और कोविड मैनेजमेंट से जुड़े डाॅक्टर अपने चहेते डाॅक्टरों की ड्यूटी नहीं लगा रहे हैं। इस विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि मामला हॉस्पिटल से निकलकर संभाग कमिश्नर के दफ्तर तक पहुंचा। इस बीच बार-बार चुनिंदा डाॅक्टरों की ड्यूटी लगाने का आरोप लगाने वाले डाॅक्टरों ने अपनी एक टीम बनाई और डीन को प्रस्ताव दिया कि यह टीम कोविड हॉस्पिटल में मैनेजमेंट का काम करेगी। इसके बाद मेकॉज के डीन ने मामला बस्तर कलेक्टर रजत बंसल के पास भेज दिया। गुरुवार को कलेक्टर ने इस मामले में एक आदेश जारी किया है जिसमें वर्तमान में काम कर रही टीम और नई टीम को तीन-तीन महीने कोविड हॉस्पिटल में प्रबंधन का काम करने के निर्देश हैं। नई टीम के लीडर डॉ जॉन मसीह होंगे।
3 संक्रमितों की मौत: गुरुवार को 3 कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई। जिसमें दो जगदलपुर और एक मरीज कांकेर का रहने वाला है। बस्तर जिले में अब तक 84 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। गुरुवार को सुकमा जिले में 8, नारायणपुर से 6, बीजापुर में 14, कोंडागांव में 20 नए मरीज मिले।

कोविड ड्यूटी पर बुलाने डाॅक्टरों के घरों पर चस्पा कर रहे ऑर्डर, 10 दिन में ही फिर बुलाया
इधर मेकॉज के कोविड हॉस्पिटल में डाॅक्टरों को ड्यूटी पर बुलाने के लिए प्रबंधन ने अजीब तरीका निकाला है। डाॅक्टरों के घरों के बाहर ड्यूटी पर आने वाले आदेशों को चस्पा करवाया जा रहा है। सरकारी कामों में घर के बाहर कागज चस्पा करवाने की परंपरा या तो नोटिस जारी करने या फिर कुर्की जैसे कामों के लिए करवाई जाती है। ऐसे में इस नई प्रक्रिया को लेकर डॉक्टरों में रोष हैं। गुरुवार को भी नेत्र रोग विभाग के एक डाॅक्टर को ऐसे ही आदेश जारी किया गया। इधर मेकॉज प्रबंधन से जुड़े अफसरों का कहना है कि जिस डाॅक्टर ड्यूटी लगानी थी उनका मोबाइल बंद था ऐसे में उन तक सूचना पहुंचाने का कोई और जरिया नहीं था। इसलिए घर पर आदेश चस्पा करवाया गया।

कोरोना वॉरियर्स को खाना देने वाले को भुगतान नहीं
इधर मेकॉज के मेडिकल स्टाफ के क्वारेंटाइन की व्यवस्था परपा में की गई है। गुरुवार को यहां क्वारेंटाइन स्टाफ के लिए खाने की सप्लाई नहीं हुई। क्योंकि जिस एजेंसी को खाने का ठेका दिया गया था उन्हें कई महीनों से भुगतान ही नहीं हो रहा था। मेकॉज प्रबंधन ने खाना उपलब्ध करवाया।



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