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साइबर ठगों ने जिन सौ लोगों के खाते में सेंध लगाई, उनके 13 लाख वापस

राजधानी में ऑन लाइन ठगी के शिकार 100 लोगों के 13 लाख खाते में वापस आ गए हैं। पिछले 10 महीने में 660 लोगों ने ऑन लाइन ठगी की शिकायत की। इतने लोगों के खातों से ठगों ने 52 लाख निकाल लिए। इनमें से 100 पीड़ितों का पैसा पुलिस ने लौटा दिया है। पुलिस भी केवल उन्हीं की मदद कर सकी, जो खाते से पैसे निकलने के बाद तुरंत ही पुलिस थाने पहुंच गए। पुलिस ने ऑन लाइन सिस्टम से उनका ट्रांजेक्शन रुकवा दिया।
पुलिस ने ऑन लाइन ठगी के मामलों पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए साइबर क्राइम सेल की अलग टीम बनायी है। आईटी में एक्सपर्ट तीन पुलिस कर्मियों को टीम में शामिल किया गया है। ठगी की रिपोर्ट होते ही वे ये पता लगाते हैं कि खाते से पैसे किस फार्मूले से निकाले गए हैं। उसके बाद उसका ट्रांजेक्शन कैंसिल करवाने की कवायद करते हैं। साइबर सेल प्रभारी रमाकांत साहू ने बताया कि सेल में रोज 3-4 पीड़ित शिकायत लेकर आ रहे हैं। ऐसे केस में अपराध पंजीबद्ध करवाने की औपचारिकता से पहले पैसाें का ट्रांजेक्शन कैंसिल करवाने का प्रयास किया जाता है, ताकि पैसे उनके खाते में वापस आ जाएं। पैसों की वापसी के बाद ठगों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि अब तक 85 जालसाजों को पकड़ा जा चुका है।

दिल्ली, राजस्थान, झारखंड में दबोचे गए
पुलिस के पास पिछले 10 महीने (जनवरी से अक्टूबर) में 660 लाेगाें ने शिकायत की है, लेकिन इनमें से सिर्फ 112 लोगों ने ही केस दर्ज कराया है। ठगी के शिकार कई लोग तो पैसा वापस मिलने के बाद केस दर्ज कराने से पीछे हट जाते हैं। वे कोर्ट-कहचरी जाने से बचना चाहते हैं। कई लोग शिकायत करते हैं, लेकिन ठगी की रकम कम होने कारण केस दर्ज कराने से मना कर देते हैं। पुलिस ने 112 मामले दर्ज करने के बाद देश के अलग-अलग राज्यों में छापा मारकर 85 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें नाइजीरियन ठग भी शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली, यूपी नोएडा, झारखंड, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों के सक्रिय गिरोह शामिल हैं। पुलिस के अनुसार ऑनलाइन ठगी के मामले में चारसौबीसी और आईटी एक्ट का केस दर्ज किया जाता है। पुलिस के अनुसार ऑनलाइन की घटना बढ़ती जा रही है, लेकिन लोग शिकायत नहीं कर रहे हैं।

घर बैठे कर सकते हैं शिकायत
केंद्र सरकार ने देश में बढ़ते साइबर क्राइम को रोकने के लिए एक पोर्टल cybercrime.gov.in बनाया है। इसमें लिंक में जाकर कोई भी कहीं से शिकायत कर सकता है। केंद्री एजेंसियां ठगी की जांच कर रिपोर्ट संबंधित जिले के एसपी को भेजती है। फिर उसमें केस दर्ज किया जाता है। रायपुर में केंद्र से आई रिपोर्ट में दो दर्जन केस दर्ज किए जा चुके हैं। साइबर क्राइम वालों का अपना डेटाबेस भी है। पीड़ित पोर्टल में ठग का नंबर डालते हैं तो उन्हें बताया दिया जाता है।

लोगों को किया जा रहा जागरूक
"साइबर क्राइम रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मॉल से लेकर मार्केट में लोगों को जागरूक करने साइबर संगवारी शुरू किया जाएगा। सोशल मीडिया में ठगी के बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं।"
- अजय यादव, एसएसपी रायपुर



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प्रतीकात्मक फोटो।


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