लाख जान बच जाए, लेकिन हम हैं कि सुधरेंगे नहीं। कहने का तात्पर्य ये कि पूरे जीवन बचाने काे लाख काेशिश सरकारी स्तर पर हाे रही है लेकिन हमारी आदतें नहीं छूट रही हैं। नतीजा ये कि एक हेलमेट पांच साै से एक हजार रुपये में मिल जायेगा, लेकिन खरीदते नहीं जुर्माना जरूर देते जा रहे हैं। यही हाल काेराेना महामारी में मास्क पहनने वालाें की है। बिना मास्क पांच साै का जुर्माना लाेग दे दे रहे हैं पर मास्क जीवन के लिये नहीं पहनेंगे। प. सिंहभूम जिले की ही बात करें ताे हालिया अगस्त और सितंबर महीने में ही बिना हेलमेट पहने बाइक चलाने वाले और बिना मास्क घूमनेवालों से लगभग नौ लाख रुपये वसूल लिया है।
पूरे जिले में काेराेना काल के दाैरान लाेगाें काे अनुशासित और खुशियाें के साथ जीवन बिताने के लिये पुलिस विभिन्न जगहाें पर चेकिंग अभियान चला रही है। लेकिन लाेग नहीं सुधर रहे। चाईबासा और चक्रधरपुर शहरी इलाके में ज्यादातर लाेग लापरवाही भरे काम कर रहे हैं। इससे खतरा और बढ़ रहा है। इधर, परिवहन विभाग के आंकड़ाें के अनुसार, इस वर्ष काेराेना काल के अगस्त व सितंबर माह में बिना हेलमेट पहने 709 लाेगाें से 7 लाख 9 हजार रुपए वसूले गए। वहीं बिना मास्क के 162 लाेगाें से 81 हजार रुपए एवं साेशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करते 53 लाेगाें से 26 हजार 500 रुपए जुर्माना वसूला गया है, फिर भी कोई असर नहीं है।
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