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Jharkhand daily news

झारखंड विधान सभा सचिवालय को अब तक राज्य के विभिन्न विभागों में अनुसूचित जाति और जनजाति के सरकारी कर्मियों की प्रोन्नति में आरक्षण नियमों के पालन के मामले में रिपोर्ट नहीं मिल पाई है। इस मामले में गठित विधानसभा की विशेष समिति की हुई बैठक में तय किया गया कि 19 अक्टूबर को झारखंड सरकार के मुख्य सचिव को विशेष समिति की बैठक में आमंत्रित किया जाए, ताकि उनसे आवश्यक जानकारी ली जा सके।

बैठक में जल संसाधन विभाग से आए अफसरों ने विभागीय प्रोन्नति से संबंधित जानकारी समिति को दी थी। समिति को आश्चर्य हुआ कि मुख्य सचिव से यह अनुरोध किया गया था कि समिति की जांच होने तक किसी भी प्रकार की प्रोन्नति किसी को नहीं दी जाए, ऐसे में प्रोन्नति की प्रक्रिया क्यों शुरू की गई है।
विधानसभा सदस्य दीपक बिरुआ के संयोजकत्व में विधानसभा की विशेष समिति श्रम एवं नियोजन विभाग में एसटी-एससी कर्मियों की प्रोन्नति में नियमों की अनदेखी के आरोप की जांच कर रही है।

इसी समिति ने राज्य गठन के बाद से अब तक अर्थात वर्ष 2000 से लेकर 2020 तक कोटिवार पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रोन्नति से संबंधित जानकारी मांगी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि प्रोन्नति में कोई अनियमितता तो नहीं हुई है।

समिति की बैठक में यह तय हुआ था कि जब तक एसटी-एससी के आरक्षण संबंधी मामले में गठित विशेष समिति की जांच रिपोर्ट समर्पित नहीं की जाती है, तब तक झारखंड सरकार के सभी विभागों में दी जा रही या दी जाने वाली प्रोन्नति तत्काल स्थगित रखी जाए। समिति की बैठक की सूचना मुख्य सचिव को दी गई थी और उनसे विभिन्न विभागों में अफसरों और कर्मियों के प्रमोशन के बारे में जानकारी मांगी गई थी।

समिति की रोक के बावजूद शुरू कर दी गई प्रोन्नति की प्रक्रिया

जांच पूरी नहीं होने के कारण कमेटी का कार्यकाल 15 नवंबर तक बढ़ाया गया

विधानसभा की विशेष समिति को राज्य सरकार की ओर से इस मामले में जानकारी नहीं मिल पाई है। जबकि समिति की ओर से कई बार पत्र लिखा जा चुका है। विधानसभा अध्यक्ष ने कमेटी को 2 महीने में जांच रिपोर्ट देने को कहा था, लेकिन कमेटी की जांच पूरी नहीं होने की वजह से इसे 15 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है। इसके पूर्व कार्मिक सचिव भी समिति की बैठक में शामिल हो चुके हैं।

बंधु तिर्की ने विधानसभा में उठाया था मामला, स्पीकर ने बनाई विशेष समिति

विधानसभा अध्यक्ष द्वारा गठित इस विशेष समिति में दीपक बिरुवा के अलावा नीलकंठ सिंह मुंडा और सरफराज अहमद भी शामिल हैं। बंधु तिर्की ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान श्रम एवं नियोजन विभाग में पदोन्नति में आरक्षण के नियमों का पालन नहीं होने का मामला उठाया था। जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने जांच के लिए विशेष समिति बनाई थी।



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Special Committee of Legislative Assembly to take information about promotion case from CS, meeting on 19th


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