रिम्स के न्यूरो सर्जरी विभाग में इलाजरत 4 वर्षीय बच्ची माही की मौत गुरुवार की सुबह 7 बजे हो गई। बच्ची चतरा के मयुरहंड प्रखंड की रहने वाली है। 29 सितंबर को घर के पास खेलने के दौरान एक बाइक से धक्का लग गया था। इस दौरान बच्ची के सिर में गहरी चोट आई थी। परिजनों ने तत्काल इलाज के लिए स्थानीय हॉस्पिटल में भर्ती किया।
स्थिति गंभीर होने पर स्थानीय अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे रिम्स रेफर कर दिया। परिजनों ने बच्ची को बुधवार की शाम 5 बजे उसे रिम्स लाया। सेंट्रल इमरजेंसी में इलाज करने के बाद उसे न्यूरो विभाग के डॉ. अनिल कुमार के वार्ड में भर्ती किया, जहां गुरुवार की सुबह बच्ची की मौत हो गई।
परिजनों का आरोप- डॉक्टरों ने लापरवाही की
परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनकी बच्ची की मौत हुई। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी में बच्ची की जांच के बाद उसे रिम्स के न्यूरो विभाग में शिफ्ट किया गया। शिफ्ट होने के बाद रात भर बच्ची को देखने के लिए ना ही कोई डॉक्टर आएं और ना कोई नर्स। ऐसे में उचित इलाज न मिलने के कारण उसकी बच्ची की मौत हो गई।
इंचार्ज बोले- आरोप गलत बच्ची को बचाना अंसभव था
इधर, न्यूरो विभाग के इंचार्ज डॉ. अनिल कुमार ने परिजनों के सभी आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि बच्ची के एडमिट होने के बाद उस बच्ची को जूनियर डॉ. जतिन और डॉ. सौरव दोनों ने रात में देखा था। बच्ची की स्थिति काफी गंभीर थी। उसके सिर में काफी गहरी चोट आई थी, जिसके कारण उसके सिर के अंदर कई जगहों पर क्लॉट जम गए थे। उसके पूरे सिर में सूजन हो गया था। ऐसे में उसे बचाना असंभव था। इसके बावजूद चिकित्सकों ने उसे बचाने कि भरसक कोशिश की।
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