बारिश का सीजन खत्म होने के बाद भी सब्जियों की कीमत ज्यादा ही है। कीमत अब तक नहीं घटी है। स्थानीय नई फसल आने में अभी समय है, यहीं कारण है कि अधिकांश सब्जियों के दाम अभी भी ज्यादा है। मसलन फूलगोभी,करेला और बरबट्टी 60 रुपए तो मुनगा 80 रुपए किलो में बिक रहा है। हालांकि दो-तीन सब्जियों की कीमत कम भी है। कद्दू और केला 20 रुपए किलो में मिल रहा है पर बाकी सब्जियों की कीमत ज्यादा है।
कोरोना काल में सब्जियों की कीमत ने भी लोगों को काफी परेशान किया है। बीच में जरूर सब्जियों की कीमत थोड़ी कम हुई पर फिर से बढ़ गई है। पहले तो स्थानीय आवक बंद होने और बाहर से आने की वजह से टमाटर पहली बार 40 रुपए किलो पहुंच गया। हालांकि कुछ सब्जी विक्रेता दो किलो लेने पर 35 रुपए किलो के भाव से टमाटर बेचने लगे। लॉकडाउन के दौरान टमाटर की कीमत 100 रुपए किलो तक पहुंच गई। वहीं बाकी सब्जियों के दाम में भी लॉकडाउन के कारण बेतहाशा वृद्धि हुई। पिछले कई दिनों से सब्जियों की कीमत कम नहीं हो रही है। ज्यादातर सब्जियों की कीमत अधिक है। इसकी वजह से घरों का बजट बढ़ चुका है। सब्जी विक्रेता रमेश साहू ने बताया कि दरअसल अभी नई फसल आने में समय लगेगा। अधिकांश सब्जियां बाहर से आ रही है। इस कारण दाम ज्यादा हैं। पहले जो भिंडी 20 में मिलता था वह 60 रुपए, 20 वाली लौकी 30, पत्ता गोभी 40 तो तरोई 50 और खीरा 40 से 50 रुपए किलो में मिल रहा है। आलू पिछले कई दिनों से 45 रुपए में मिल रहा है जबकि एक माह में प्याज 40 से 80 रुपए किलो में मिल रहा है।

धान कटाई के बाद लगेगी नई फसल : स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि जिले में बड़ी संख्या में किसान बाड़ियों के साथ ही खेतों में भी सब्जियों की खेती करते हैं लेकिन अभी खरीफ सीजन के फसल की कटाई नहीं हुई है। धान की कटाई के बाद फिर से सब्जियों खेती किसान करेंगे। इसमें दो से तीन माह का समय लगेगा।
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