छत्तीसगढ़ शासन की गोधन न्याय योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए गोठानों में गोबर खरीदी और संकलन के साथ ही वर्मी टांकों में गोबर भराई का कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर चंदन कुमार के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा जिले के सभी गोठानों में कार्यरत स्वसहायता समूहों को वर्मी खाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा मशरूम उत्पादन, मुर्गीपालन आदि का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
कृषि विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार गोठानों में लगभग 690 वर्मी टांकों का निर्माण किया जा चुका है। कृषि विभाग के उप संचालक पीआर बघेल ने बताया कि गोबर से वर्मी खाद बनाने के लिए स्वसहायता समूहों द्वारा वर्मी टांकों में गोबर भरने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। कृषि विभाग द्वारा प्रशिक्षण देकर समूहों के सदस्यों को वर्मी खाद निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी जा रही है, ताकि तैयार वर्मी खाद शासन द्वारा निर्धारित किए गए मानकों के अनुरूप हो। जिले के सभी गोठानों में अब तक 258 वर्मी टांकों में गोबर भराई का कार्य पूरा कर लिया गया है। करीब 45 से 50 दिनों में इन टांकों में खाद तैयार हो जाएगी, जिसे समिति के माध्यम से 8 रुपए किलो की दर से बेचा जाएगा।
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