सीएम भूपेश बघेल एथेनॉल के मुद्दे पर पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की घोषणा के बाद मंगलवार को तीन मंत्रियों रविंद्र चौबे, अमरजीत भगत और रूद्र गुरू के साथ मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के दबाव में केंद्र ने धान से एथेनॉल बनाने की मंजूरी दी है। हमने 24 लाख टन धान खरीदी का कैप हटाने और धान से एथेनॉल बनाने की मंजूरी देने के लिए पीएम से लेकर केंद्रीय खाद्य मंत्री और पेट्रोलियम मंत्री को लगातार पत्र लिखा। इसके बाद ही केंद्र से मंजूरी मिली। यही नहीं धान से एथेनॉल का रेट भी तय नहीं था हमारे दबाव में रेट तय हुए। धान से बना एथेनॉल 54 रुपए प्रति लीटर दर से खरीदा जाएगा।
सीएम ने कहा कि एथेनॉल बनाने के लिए तीन जिलों मुंगेली में 2, जांजगीर चांपा और महासमुंद में एक-एक प्लांट लगाए जाएंगे। प्लांट लगाने राज्य सरकार ने 6 कंपनियों से एमओयू किए हैं। लगभग एक साल में प्लांट तैयार हो जाएगा। राज्य में धान के अलावा गन्ने से भी एथेनॉल बनेगा। सीएम ने कहा कि राज्य में एक करोड़ 20 लाख टन धान का उत्पादन होता है। फ्यूल उस धान से बनेगा जो सेंट्रल पूल और स्टेट पूल में खरीदी के बाद भी बच जाता है। इससे किसानों को धान बेचने के अलावा अतिरिक्त आय होगी। प्लांट लगने से लोगों को रोजगार मिलेगा। किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह के रावणी प्रवृति वाले बयान पर सीएम ने चुटकी लेते हुए कहा कि हम जब विपक्ष में थे तो नारा लगाते थे रमन नहीं यह रावण है। अब वे पुरानी बातें सोच रहे हैं तो इस तरह की बातें कर रहे हैं। अभी वे फ्लैश बैक में चल रहे हैं।
योजना आयोग व 14 विवि के बीच एमओयू
छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है, जहां विकास में उच्च शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी होगी। मंगलवार को सीएम हाउस में राज्य योजना आयोग और 14 विवि,ट्रिपल आईटी, आईआईएम, एम्स और आईआईटी के बीच शोध के लिए वर्चुअल एमओयू हुआ। सीएम बघेल ने कहा है कि विश्वविद्यालयों का कार्य केवल डिग्री देना नहीं, समाज और राज्य की समस्याओं का वैज्ञानिक हल खोजना भी है। सीएम बघेल ने गोधन न्याय योजना के हितग्राही 86158 पशुपालकों से की गई गोबर खरीदी के एवज में 6वीं किस्त की राशि 9.12 करोड़ का ऑनलाइन भुगतान किया। इसमें अब तक गोबर विक्रेताओं को 39 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। बघेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बलौदाबाजार के गोढ़ी और रायगढ़ के ननसिया के स्व-सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा की। उन्होंने कलेक्टरों व सीईओ को गौठानों में क्रय किए जा रहे गोबर से बनने वाली वर्मी खाद की पैकेजिंग और उसके विपणन की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि वर्मी खाद के विपणन के लिए प्राथमिक सहकारी समितियों से इसका लिंकेज किया जाना है। इस मौके पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि राज्य के 11 हजार 664 ग्राम पंचायतों में इस वर्ष के अंत तक गौठान और उनमें वर्मी टांके का निर्माण करने कहा। कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम.गीता ने मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा एवं रूचिर गर्ग, मुख्यमंत्री के एसीएस सुब्रत साहू,प्रमुख सचिव पंचायत गौरव द्विवेदी, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
प्रधान बोल रहे थे, ये सुन रहे थे, मुझे हंसी आ रही थी
सीएम बघेल ने भाजपा नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि सदन में जब हमने धान से एथेनॉल बनाने की बात की तो ये हंस रहे थे। उस समय भाजपा इसका विरोध करती थी। ये कहते थे अगर ऐसा हुआ तो भूपेश सरकार को नोबल पुरस्कार मिलेगा, लेकिन जब सोमवार को पेट्रोलियम मंत्री प्रधान ने इसकी घोषणा की तो ये सब बैठकर सुन रहे थे और मुझे हंसी आ रही थी। जो कल तक विरोध कर रहे थे आज श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं।
हमें एथेनॉल उत्पादन की अनुमति दे सरकार : चौबे
कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि पेट्रोलियम मंत्री कहते हैं कि छत्तीसगढ़ को बहुत लाभ होगा। हमारी मांग है कि धान पर आधारित बायो एथेनॉल के लिए केंद्र बैरियर हटाए। केंद्र सरकार वहां प्लांट लगाए जिन जिलों में उत्पादन ज्यादा है। अभी प्लांट की अनुमति एफसीआई को दी गई है। इस अवसर पर सीएम के सलाहकार प्रदीप शर्मा, शैलेष नितिन त्रिवेदी, राजेंद्र तिवारी, रामगोपाल अग्रवाल व रमेश वर्ल्यानी भी मौजूद थे।
वन अधिकार पट्टाधारी से भी होगी धान खरीदी
सरकार ने प्रदेश के वनाधिकार पट्टाधारी किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। इसके मुताबिक एक दिसंबर से वन अधिकार पट्टाधारी किसानों से भी समर्थन मूल्य पर धान खरीदेंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर खाद्य विभाग पट्टाधारी किसानों के पंजीयन के लिए साफ्टवेयर में प्रावधान कर रहा है। खाद्य सचिव ने सभी कलेक्टरों से कहा है कि ऐसे वन अधिकार पट्टाधारी किसानों का पंजीयन करें जिन्होंने अपने पट्टे की भूमि पर धान की फसल बोई है। जिले में ऐसे कुल किसानों की संख्या और धान का कुल रकबा की जानकारी से एनआईसी और विभाग को ई-मेल और पत्र के माध्यम से अवगत कराया जाए। विभागीय साफ्टवेयर के अनुसार 1288 समितियों में से अभी भी 20 समितियों में किसान पंजीयन का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है।
इनमें बलरामपुर में 10, सरगुजा और सूरजपुर में 3-3, कवर्धा में 2, रायगढ़ और नारायणपुर में एक-एक समितियां है। इन समितियों में भी किसान पंजीयन का कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जाने और पिछले साल के कैरी फारवर्ड किसानों के खसरा प्रविष्टी के कार्य में तेजी लाने के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि किसान पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर है।
कृषि कानून पर भ्रम फैला रहे अब कांग्रेसी: बृजमोहन
पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि राफेल की तरह अब कांग्रेस कृषि कानून को लेकर भी भ्रम फैलाने में लगी है। बृजमोहन ने सीएम भूपेश बघेल पर किसानों को बरगलाने व उकसाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री संजीव बालयान के बयान को लेकर सीएम ने जान-बूझकर तथ्यों को अनदेखा किया। केंद्र सरकार ने बार-बार यह साफ किया है कि इन कानूनों से न एमएसपी खत्म होगी, न ही मंडी की व्यवस्था खत्म होगी।
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