मेडिकल काॅलेज अस्पताल में शनिवार सुबह कोरोना से गंभीर एक 65 वर्षीय महिला की मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार कोरिया जिले की चरचा बैकुंठपुर निवासी 65 वर्षीय महिला को कोरोना पाॅजिटिव होने से 14 अक्टूबर को जीवन ज्योति अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसी दिन उसे अंबिकापुर मेडिकल काॅलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया।
महिला को बीपी शुगर के अलावा किड़नी की भी बीमारी थी। यहां इलाज के दौरान शनिवार की सुबह उसकी मौत हो गई। इससे अस्पताल में कोरोना से मरने वालों की संख्या 37 पहुंच गई है।
यानी अस्पताल में कोरोना से भर्ती मरीजों में मौत का औसत 3.7 प्रतिशत पहुंच गया है।
बहरहाल इलाज के बाद मरीज स्वस्थ भी हो रहे हैं। शनिवार को एक मरीज को डिस्चार्ज किया गया। अब तक यहां से इलाज के बाद 918 लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। डिस्चार्ज होने का औसत 91.8 प्रतिशत है।
जेल में 50 कैदियों की हुई जांच तो 26 मिले कोरोना के मरीज
रामानुजगंज जिला जेल में एक ही दिन में 26 पॉजीटिव मिले। इसके बाद 20 विचाराधीन कैदियों का आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लिया गया, जिसकी रिपोर्ट नहीं आई है। अन्य विचाराधीन कैदियों का भी कोरोना टेस्ट किया जाएगा।
जिला जेल में 50 विचाराधीन कैदियों का रैपिड एंटीजन टेस्ट किया गया, जिसमें 26 पॉजिटिव मिले। 20 विचाराधीन कैदियों का आरटीपीसीआर टेस्ट किया है, जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है। सभी पॉजिटिव मरीजों को जेल के अंदर ही क्वारेंटाइन करने की व्यवस्था बनाई जा रही है।
क्षमता 210 की लेकिन जेल में हैं 450 कैदी
जेल अधीक्षक मरकाम ने बताया 3 बैरक को तोड़कर नया बना रहे है।ं वर्तमान में 450 विचाराधीन कैदी है, जबकि जेल की क्षमता 210 कैदियों की है। ब्लॉक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कैलाश ने बताया रेपिड एंटीजन टेस्ट 50 कैदियों का किया था, जिसमें 26 पॉजिटिव मिले हैं। 20 लोगों का आरटीपीसीआर टेस्ट किया है। जेल प्रशासन से लिस्ट आने के बाद अन्य कैदियों का भी कोरोना टेस्ट किया जाएगा।
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