दूरस्थ वनांचल आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायत करई के ग्रामीण गांव से निकलने वाले नाला में पुलिया नहीं होने से बरसात के दिनों में चार माह ब्लाॅक मुख्यालय तक नहीं पहुंच पाते हैं।
जबकि ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव में जनप्रतिनिधि पुलिया निर्माण का आश्वासन देते हैं लेकिन अब तक निर्माण नहीं हुआ है। जबकि अब तक तीन विधायक जो चुनाव जीते हैं वे इस नाला में पुलिया निर्माण का भरोसा दिला चुके हैं लेकिन उस पर काम नहीं हुआ। ग्राम पंचायत करई के चारों तरफ पहाड़ है और गांव जंगलों से घिरा हुआ है। बीच में ग्राम पंचायत का बसावट है। यहां रहने वाले 90 फीसदी से भी ज्यादा आदिवासी एवं पहाड़ी कोरवा जनजाति के लोग निवासरत हैं। इसी ग्राम पंचायत में कुछ वर्षों पूर्व सर्वप्रथम पूर्ण नशाबंदी भी ग्राम में कराई गई थी। बता दें कि जमदरा कुन्नी से प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत नाला तक सड़क निर्माण किया गया है। लगातार तीन बार लुंड्रा विधानसभा से कांग्रेस के विधायक बन चुके हैं, जिसको सरपंच सहित ग्राम वासियों ने हर विधानसभा चुनाव में करई नाला में पुलिया निर्माण की मांग की। ग्राम वासियों को विधायक से सिर्फ आश्वासन ही अब तक मिला है।
महीनों इंतजार के बाद पहुंच पाते हैं ब्लॉक मुख्यालय: लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत करई भौगोलिक दृष्टिकोण से चारों तरफ से जंगल एवं पहाड़ों से घिरा हुआ है। इसके साथ ही पुलिया नहीं होने से ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह से टूट जाता है। जिससे आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों को बीमार होने या आवश्यक कार्य के लिए ब्लाॅक मुख्यालय जाने में लिए महीनों इंतजार करना पड़ता है।
सरपंच भी थक गए, कोई सुनता ही नहीं
ग्राम पंचायत कराई के सरपंच बेलसो एक्का ने बताया कि पूर्व में भी कई बार विधायक से लेकर जिला पंचायत सदस्य सहित तमाम अधिकारी कर्मचारी से मांग की गई। पुलिया निर्माण नहीं होने से मुख्यालय से संपर्क टूट जाता है। पूर्व सरपंच एवं आदिवासी नेता नेवल कुजूर ने कहा कि करई नाला में पुलिया निर्माण नहीं होने से संपर्क मुख्यालय से टूट जाता है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/342yw59
via
Comments
Post a Comment