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हत्या के बाद फरार हुआ युवक, पुलिस ने जीजा को थाने में बिठाया तब मिला क्लू, आते ही मौत

पंडरी थाने में हत्या के आरोपी युवक अश्वनी मानिकपुरी की बुधवार की शाम हिरासत में मौत के कुछ घंटे बाद इलाके में माहौल गरमाया और रात में लोगों ने थाना घेरकर हंगामा किया। हिरासत में जिस युवक का शव मिला, वह मंगलवार को मंडी गेट के पास हुई युवक की हत्या का आरोपी था और फरार हो गया था। तब भी हत्या से गुस्साए लोगों ने पंडरी थाना घेरकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने अश्वनी के घर पर धावा बोला और उसके जीजा को उठाकर थाने ले आई। उसे रातभर बिठाया गया, तब पुलिस को क्लू मिला कि आरोपी बलौदाबाजार के कोतमा गांव में दोस्त के यहां छिपा है। उसे गिरफ्तार कर थाने लाया गया और दो घंटे बाद शव मिला तो यह खबर इलाके में तेजी से फैली। शाम 7 बजे वार्ड के पार्षद के साथ थाने पहुंची भीड़ ने हिरासत में अश्वनी से मारपीट का आरोप लगाया। लोगों ने इस बात पर ऐतराज किया कि जीजा को बिना कारण पुलिस ने थाने में क्यों बिठाए रखा?
राजधानी के पंडरी मोवा थाने में युवक की मौत के बाद हंगामा हो गया। पार्षद के नेतृत्व में मोहल्ले वालों ने थाने का घेराव कर दिया। पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाने लगे। मोहल्ले वालों ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाया है।
दैनिक भास्कर ने मृतक अश्वनी के जीजा जीवन से बातचीत की तो उसने बताया कि पुलिस ने उसे बुलवाया था और वह रात करीब 12 बजे थाने पहुंचा। उसके बाद पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा और रात में कई बार अश्वनी के बारे में पूछताछ की जाती रही। तब तक उसे नहीं पता था कि वह कहां है? यही नहीं, घर के किसी सदस्य को भी नहीं पता था कि वारदात के बाद वह कहां गया? जबकि पुलिस रातभर दबाव बनाती रही कि उसे या तो बुलवाओ या गिरफ्तारी में मदद करो। इधर, थाने पहुंची भीड़ ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि जब जीजा का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था, तब उसे थाने में क्यों बिठाए रखा गया। इस संबंध में थाने के अफसरों ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जीवन की मदद इसलिए ली गई, क्योंकि उसका सुराग नहीं मिल पा रहा था। जीजा और परिजन के अलावा गिरफ्तार लड़कों से मिली जानकारियों के आधार पर युवक के बलौदाबाजार के गांव में होने का क्लू मिला। इसी क्लू पर पुलिस टीम गांव पहुंची तो वह मिल भी गया।

मारपीट के कारण खुदकुशी- आरोप : जोन अध्यक्ष व पार्षद डॉ. प्रमोद साहू के नेतृत्व में अश्वनी के मोहल्ले वालों ने थाने का रात 9.30 बजे घेराव कर दिया। मोहल्ले वालों का आरोप है कि पुलिस की मारपीट के कारण अश्वनी ने खुदकुशी की है। भीड़ ने दोषी पुलिसवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और थाने पर धरना शुरू कर दिया। तब थाना पहुंचे कुछ आला अफसरों ने अश्वनी को थाने लाने से लेकर बाथरूम जाने तक का फुटेज दिखाया और कहा कि उससे किसी तरह की मारपीट नहीं की गई। यही नहीं, उन्होंने थाने के स्टाफ पर कार्रवाई की सूचना भी लोगों को दी। यह भी बताया कि मौत की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। तब जाकर भीड़ थाने के सामने से हटी।

कई तरह की लापरवाहियां
1. अश्वनी को लाने के बाद बेल्ट और गले-हाथ का धागा नहीं खुलवाया गया।
2. गांव में जिस हालत में गिरफ्तार किया गया, वैसे ही लाकर थाने में बिठा दिया।
3. बाथरूम का दरवाजा खुला रखने का नियम है। उसे भीतर से बंद करने दिया।
4. यह ध्यान भी नहीं दिया गया कि थाने लाने के बाद से वह हड़बड़ाया हुआ था।

चार पुलिसकर्मी अटैच : सीएसपी नसर सिद्दीकी ने बताया कि वे पुलिस की लापरवाही की जांच कर रहे हैं। इसकी रिपोर्ट बनाकर एसएसपी को सौंपी जाएगी। प्रारंभिक जांच के बाद एसआई खेलन साहू, हवलदार देवधर जंघेल, सिपाही किशोर गुप्ता और मंजीत केरकेट्टा को लाइन अटैच किया गया हैं। पुलिस के अनुसार अश्वनी कपड़ा दुकान में काम करता था।

उसके दो भाई और तीन बहन हैं। पिता कई साल से अलग हैं। उसका बड़ा भाई भी बाहर रहता है।सीएसपी नसर सिद्दीकी ने बताया कि वे पुलिस की लापरवाही की जांच कर रहे हैं। इसकी रिपोर्ट बनाकर एसएसपी को सौंपी जाएगी। प्रारंभिक जांच के बाद एसआई खेलन साहू, हवलदार देवधर जंघेल, सिपाही किशोर गुप्ता और मंजीत केरकेट्टा को लाइन अटैच किया गया हैं। पुलिस के अनुसार अश्वनी कपड़ा दुकान में काम करता था। उसके दो भाई और तीन बहन हैं। पिता कई साल से अलग हैं। उसका बड़ा भाई भी बाहर रहता है।



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मौत से नाराज लोगों ने पंडरी थाना घेरा।


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