यहां बेटी होने पर होता है माता-पिता का सम्मान, दो बेटियों के बाद परिवार नियोजन हो, इसके लिए कर रहे प्रेरित
आज हम एक ऐसे गांव की बात करने जा रहे हैं, जहां बेटियां होने पर उल्लास होता है, उमंग होती है, पूरा गांव माता-पिता को बधाई देने पहुंचता है और बाकायदा माता-पिता का सम्मान होता है। यह गांव है बालोद जिले का देवरी। पिछले तीन साल से यह परंपरा शुरू की गई है और अब तक 30 बच्चियां यहां जन्म ले चुकी हैं, जिनके माता पिता का सार्वजनिक सम्मान किया गया है।
पास के ही जिले में दो दिन पहले एक बच्ची को नदी में फेंकने की वारदात सामने आई थी, ऐसे में बगल के ही जिले में ऐसा गांव मिसाल है। इस गांव की सरपंच नेम बाई चुम्मन है। उसने बताया कि गांव में महिलाओं के प्रति बहुत सम्मान है। यहां कुछ परिवार ऐसे भी हैं, जिनकी तीन से चार बेटियां हैं। इसी कारण अब इस बात की भी कोशिश की जा रही है कि दो बेटियों के बाद परिवार नियोजन अपनाया जाए। गांव की कुल आबादी 2627 है, जिसमें 1331 महिला व 1356 पुरुष हैं। नेम बाई का कहना है कि हम इस धारणा को बदलने में लगे हैं कि बेटियां पराया धन होती है और बेटा होना जरूरी है।
इसका असर यह है कि दो बेटी के बाद परिवार नियोजन कराने वाले दंपती की संख्या बढ़ रही है। कोरोना काल के कारण अभी सम्मान समारोह, सामूहिक आयोजन नहीं हो रहा है, लेकिन माता-पिता का सम्मान उनके घर जाकर किया जा रहा है।
देवरी गांव में इनका हो चुका है सम्मान : गांव की डालेश्वरी-गणेश्वर, अनुराधा-पुरुषोत्तम, शांति-खोमेश्वर सहित 30 दंपतियों के घर बेटी पैदा होने पर एक पौधा व नारियल भेंटकर सम्मान किया जा चुका है। सुनीता-रूपलाल साहू, पद्मा-राजेश यादव, दुर्गा-रोशन निषाद, हामेश्वरी-ठगेश साहू, ललिता-घनश्याम साहू सहित अन्य दंपती दो बच्चों के बाद परिवार नियोजन करा चुके हैं, जिनका सम्मान किया जा चुका है।
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