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एयर फ्रेशनर को कोरोना की दवाई बताकर बेच रहे, महीनेभर तक कोरोना भगाने का दावा; एक्सपर्ट्स ने कहा- ये कोरोना का इलाज नहीं

कोरोना का डर दिखाकर कई कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं, लेकिन इसके साथ ही स्थानीय दुकानदार भी कंपनियों के प्रोडक्ट्स को यह बताकर बेच रहे हैं, कि कोरोना से इसका इलाज कारगर है। हाल ही में ऐसा ही एक प्रोडक्ट रायपुर में खूब बिक रहा है। इसका नाम वायरस शट आउट है। इसके रैपर के पीछे लिखा हुआ है मेड इन जापान। मेडिकल स्टोर्स के संचालक इसे 150 रुपए तक में बेच रहे हैं और ग्राहकों को यह बता भी रहे हैं कि इससे कोरोना के वायरस खत्म हो सकते हैं। जबकि डॉक्टरों का कहना है कि ऐसा करके कोई भी दुकानदार सिर्फ पैसा कमा रहा है। कोरोना की ऐसी कोई दवा अधिकृत रूप से नहीं है।

दरअसल इस रैपर के अंदर एक एयर फ्रेशनर है। कंपनी कहती है कि इसके अंदर क्लोरीन डायआक्साइड है। इससे इंफेक्शन नहीं फैलता। अब इसे कोरोना को देखते हुए यह बताकर बेचा जा रहा है कि यह कोरोना रोकने में सफल है। रैपर के अंदर एक रिबन भी होता है, जिससे इस फ्रेशनर को गले में लटकाकर घूमा जा सकता है। इसकी इतनी ज्यादा बिक्री हो रही है कि दुकानवालों के पास नाम लिखवाना पड़ रहा है। दरअसल जबसे कोरोना का दौर शुरू हुआ, तबसे अब तक कई दवाइयों की बिक्री धड़ल्ले से हुई है। जब जब एक दवाई बिकने लगती है, तो सब उसी के पीछे भागने लगते हैं। ऐसा ही इस रैपर के साथ भी हुआ है। दुकान वाले सीधे यह कह रहे हैं कि एक बार इसे लेंगे तो कोरोना एक महीने तक आसपास नहीं फटकेगा।

यह बाजार में फैलाया जा रहा झूठ है, यह कोरोना का इलाज नहीं कर सकता
इस रैपर के बारे में एमडी डॉ. अब्बास नकवी कहते हैं कि ऐसा कोई रैपर कोरोना को नहीं रोक सकता। अवसर का लाभ उठाकर कंपनियां भ्रमित कर सकती हैं और यदि कंपनी ऐसा दावा नहीं करतीं, तो दुकानदार कैसे कर सकते हैं। कोरोना से बचने का इस समय एक ही उपाय है कि लोग मास्क लगाए रखें। इसी तरह ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. सुनील रामनानी कहते हैं कि इस बारे में भी शक है कि यह एयर कितना प्यूरीफाई कर सकता है। यदि इसे कोरोना से बचाने का साधन बताकर बेचा जा रहा है, तो यह बहुत गलत है। इस पर प्रतिबंध लगना चाहिए।



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इस तरह दिखता है वायरस शटआउट का रैपर।


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