सिंचाई कालोनी में रहने वाले सहायक ग्रेड 3 को दो दिन पहले कोरोना की पुष्टि हुई। सरकार ने ए सिम्टोमेटिक लोगों को हाेम आइसोलेशन की सुविधा दी है। इसी सुविधा के तहत वे दवा लेकर अपने घर आ गए। शुक्रवार की रात उनकी तबीयत बिगड़ गई, ऑक्सीजन लेबल कम हो गया और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। ऑक्सीजन लेबल कम होने पर घर में व्यवस्था नहीं हो सकी अलसुबह 5 बजे उनकी मौत हो गई। वार्ड नंबर 14 सिंचाई कालोनी में पदस्थ सहायक ग्रेड 3 को 1 अक्टूबर को सर्दी, खांसी एवं बुखार आने पर बिलासपुर के निजी चिकित्सालय में जांच कराने गए। डाक्टर ने जांच के बाद ही इलाज करने की बात कही गई। बिना इलाज कराए वे टेस्ट करवाने के लिए जिला अस्पताल जांजगीर पहुंचे। कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सहायक ग्रेड 3 को कोविड अस्पताल जांजगीर में भर्ती होने की सलाह दी, पर लिपिक द्वारा अकलतरा स्थित सिंचाई कालोनी में स्थित निवास में होम आइसोलेशन में रहकर इलाज कराने की बात कही।
युवक की भी हुई मौत
अकलतरी के युवक को एक हफ्ते से सर्दी, खासी एवं बुखार था। 2 अक्टूबर को सिम्स बिलासपुर के डाक्टर के कहने पर कोरोना जांच कराई तो वह संक्रमित मिला एवं सिम्स बिलासपुर मंे इलाज के दौरान मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग न जांच के लिए सीएचसी, पीएचसी नरियरा, तिलई, कोटमीसोनार, पोड़ी दल्हा एवं कापन में भी कोरोना की जांच की सुविधा दी है, पर लोग लापरवाही बरत रहे हैं।
समय पर जांच कराएं
सर्दी, खासी एवं बुखार आने पर तत्काल अस्पताल जाकर कोरोना की जांच करवानी चाहिए। लोगों द्वारा समय पर जांच नहीं कराने से परेशानी बढ़ रही है। शरीर में आक्सीजन का लेवल कम होने से मौत हो रही है। हम जागरूक होकर समय पर कोरोना की जांच करवाकर इसके लक्षण से बच सकते हैं।''
डॉ. जेआर आरमोर, आईटीआई कोविड सेन्टर प्रभारी अकलतरा
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3l8Vm0E
via
Comments
Post a Comment