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जंगली सूअर काे मारने बिछाए थे करंट के तार तेंदुए की मौत होने पर लाश को गुफा में छिपाया

पतराटोली के जंगल में मंगलवार की देर शाम तेंदुए की लाश मिली थी। बुधवार को वन विभाग व पुलिस की टीम ने तेंदुए का शिकार करने वाले चार ग्रामीणों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास पास से मृत तेंदुए के शव के साथ, पूंछ, मूंछ, दांत, नाखून और हथियार मिले है। आरोपियों का कहना है कि उन्होंने फसलों की रक्षा के लिए जंगली सूअर का शिकार करने के लिए जंगल में फंदा लगाया था, पर इसमें तेंदुआ फंस गया।
मंगलवार की शाम 5.30 बजे खमगड़ा जलाशय के पिकअप वेयर के पास जंगल में ग्रामीणों को तेंदुए की लाश देखा था, जिसकी तस्वीर लेकर सरपंच के पति राजन, गांव के कोटवार सहित अन्य 6 युवकों ने वन विभाग को सूचना दी। जब ग्रामीण वन कर्मचारियों के साथ वापस उस स्थान पर पहुंचे, तब तक तेंदुए की लाश गायब हो चुकी थी। सूचना मिलते ही जशपुर से डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव तत्काल हरकत में आए। उन्होंने पत्थलगांव रेंजर अन्नू साहू, तपकरा रेंजर केशरवानी के साथ वन अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम को तेंदुए की लाश ढूंढने में लगाई। एसएसपी बालाजी राव ने भी डीएफओ की सूचना के बाद रात से ही पुलिस की टीम जंगल में भेज दी। तेंदुए के शव की तस्वीर लेने वाले लोगों ने बताया कि तेंदुए को प्रशिक्षित शिकारियों के मारे जाने की संभावना है। उसके चारों पैर लोहे के तार से बांधकर गड्ढे में डाला गया था। इसके बाद उसके दांत, नाखून और पूंछ काटकर निकाल लिए गए थे। देर रात 2 बजे तेंदुए का शव गुफा में मिला। वन परिक्षेत्र अधिकारी आरआर पैंकरा ने बताया कि तेंदुए का पोस्टमार्टम पशु चिकित्सा विभाग के तीन डॉक्टरों की टीम ने शाम 4 बजे तक किया है। जिसके बाद गांव में ही ग्रामीणों की सहायता से तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

अचानकमार टाइगर रिजर्व से सिम्बा डॉग बुलाया गया
डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव ने विशेष संरक्षित वन्य प्राणी तेंदुए की लाश मिलने की खबर के बाद स्पेशल डॉग स्क्वायड टीम बिलासपुर के अचानकमार टाइगर रिजर्व से सिम्बा डॉग व सुरेश नवरंग को तत्काल बुलाया और बाकी टीम को जंगल में सर्चिंग करने के निर्देश दिए। गांव के कुछ लोगों पर शक करते हुए ही पहले यह जानने की कोशिश की कि कौन व्यक्ति गांव में नहीं है। गांव से गए व्यक्तियों के घर के बाहर ग्रामीणों ने निगरानी की और इस माहौल में घर से बाहर गायब व्यक्तियों की शिनाख्त कर ग्रामीणों ने जब संदिग्धों से पूछा तो पूरी कहानी सामने आ गई। जिसकी जानकारी वन विभाग के रेंजर को दी गई। गांव के ही 4 अपराधियों ने घटनास्थल से 2 किलोमीटर और ऊपर जंगल में ले जाकर स्वयं ही मरे हुए तेंदुए की लाश को बरामद करवाया।

गांव के लोग ही शिकारी
तेंदुए को मारकर उसके अंग निकालने वाले शिकारी बाहरी नहीं बल्कि कोतबा चौकी क्षेत्र के पतराटोली गांव के निकले। ये 4 शिकारी धान के खेत में जंगली सूअर का शिकार करने की फिराक में थे। उन्होंने बाकायदा 11 केवी से करंट सप्लाई लेकर नंगे तार के जाल बिछा रखे थे, लेकिन जंगल की ओर से गांव में घुस रहा तेंदुआ इसकी चपेट में आ गया। आरोपियों में पतराटोली का गोकुल साय सिदार, चन्दन साय, हेमसागर सिदार व चंदन सिदार शामिल है।

रात में गाढ़ने वाले थे लाश
करंट लगने से विलुप्ति के कगार पर पहुंचे वर्ग 1 प्रजाति के तेंदुए की मौत हो गई। आरोपियों ने कार्रवाई के डर से तेंदुए की लाश को जंगल में उसके नाखून दांत पूंछ काटकर छिपा रखे थे। दिन ढलने के बाद उसे ठिकाने लगाने की योजना भी बना रखी थी। लेकिन ग्रामीणों को पता चलने से हड़कंप मच गया था। चारों आरोपियों ने शाम को मौका पाते ही लाश को पतराटोली जंगल से 3 किलोमीटर ऊपर पहाड़ी की गुफा में छिपा दिया था।



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The current wire was laid to kill the wild boar, when the leopard died, the corpse hid in the cave


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