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महीनेभर पहले गांव से भगाया अब सामान लूट ले गए, केस

गुमियापाल के जिन डीआरजी जवानों के परिवारों को नक्सलियों ने महीनेभर पहले गांव से भगाया था, अब उनके घर का सामान ही नक्सली लूटकर ले गए। खबर मिलने के बाद एसडीओपी देवांश सिंह राठौर टीम को लेकर गुमियापाल पहुंचे। पाया कि ग्रामीणों के घर से सामान गायब है। घटना की रिपोर्ट जवानों के परिजनों ने किरंदुल थाने में दर्ज करा दी है।
दरअसल सितंबर महीने में श्यामगिरी में हुए आंदोलन में शामिल नहीं होने का आरोप लगाते हुए नक्सलियों जनअदालत लगाकर ग्रामीणों की पिटाई की थी। जिन ग्रामीणों की पिटाई की थी वे सभी डीआरजी टीम में शामिल जवानों के परिजन हैं। बेरहमी से पिटाई के बाद सिर्फ इस शर्त पर छोड़ा था कि वे अब गांव में नहीं दिखाई देंगे। जान बची रहे ऐसे में जख्मी हालत में 4 परिवार के 20 लोग गांव छोड़ने मजबूर हुए थे। पुलिस ने इनका इलाज कराया व उनके रहने खाने का इंतज़ाम किया है। इस घटना के बाद ये लोग अपने गांव गुमियापाल वापस नहीं गए। किरंदुल में ही रह रहे हैं।

दूसरे गांव के लोगों के साथ लूटने आए थे नक्सली
पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि नक्सली जवानों के घर से सामान लूटने आलनार सहित आसपास के अन्य गांवों के लोगों के साथ पहुंचे थे। चारों परिवार के घर घुसकर पूरा अस्त- व्यस्त कर दिया व सामान लूटकर ले गए। इधर इस घटना के बाद जवानों के परिजनों को रो- रोकर बुरा हाल है।

युवा और सरेंडर नक्सलियों के परिवार पर नजर
गुमियापाल इलाके में पुलिस को लगातार मिली सफलता के बाद नक्सली गांव के सरेंडर नक्सलियों, पुलिस के लिए काम कर रहे गांव के युवाओं के परिवार को परेशान कर रहे हैं। इस इलाके में डीआरजी जवानों के परिवार की पिटाई, हत्या जैसी घटना नक्सली पहले भी कर चुके हैं। अब हत्या की धमकी देकर गांव छोड़ने मजबूर कर सामान लूट रहे हैं। नक्सलियों ने जिन जवानों के घर मे लूटपाट की है उनमें गुमियापाल के रहने वाले अजय, भीमा,मंगू शामिल है।



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