केंद्रीय कानून के विरोध में विपक्ष को घेरने की तैयारी में कांग्रेस, नए विधेयक की जरूरत पर सवाल खड़ा करेगी भाजपा
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों को केन्द्रीय कानून के विरोध के प्रावधानों के आधार पर अपनी बात रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम भूपेश की अध्यक्षता में हुई विधायक दल की बैठक में केन्द्र सरकार के तीनों कानून के प्रावधानों के आधार पर एमएसपी और मंडी सिस्टम को खत्म करने के मामले को पुरजोर तरीके से उठाने के लिए कहा गया है। यह भी कहा गया है कि भाजपा द्वारा केन्द्रीय कानून के पक्ष में पूरी ताकत के साथ बात रखी जाएगी इसलिए अधिकांश विधायकों को इसका पूरा अध्ययन कर सदन में आने के लिए कहा गया है। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे द्वारा सदन में विधेयक प्रस्तुत करने के दौरान ही हंगामा हाेने की आशंका को ध्यान में रखते हुए भी कुछ विधायकों को तैयार रहने कहा गया है। सीएम बघेल ने सभी विधायकों को उपस्थित रहने कहा है। यहां तक की मरवाही चुनाव में भेजे गए विधायक भी बुलाए गए हैं।
सदन में दलीय स्थिति को देखते हुए विधेयक का बड़े अंतर से पारित होना तय है, लेकिन केंद्रीय कानून के प्रावधानों को लेकर कांग्रेस के विधायक भाजपा को घेर सकते हैं। इसे लेकर भी बैठक में टिप्स दिए गए। कृषि मंत्री चौबे ने सभी विधायकों को नए कानून के मसौदे की कॉपियां वितरीत कीं। उन्हें कानून के अलग-अलग पहलुआें के बारे में बताया, जिन्हें सदन में रखा जाएगा। साथ ही, विपक्ष की ओर से लाए जाने वाले मुद्दों पर पलटवार करने के लिए भी विधायकों को जिम्मेदारियां बांटी गई, जिससे हर तरह के आरोपों का जवाब देने के लिए सत्ता पक्ष के विधायक तैयार रहें।
राज्य सरकार द्वारा केंद्र के कृषि बिल के विरोध में लाए गए मंडी संशोधन कानून की जरूरत पर भाजपा विधायक सवाल खड़ा करेंगे। इसकी तैयारी के संबंध में सोमवार को नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के निवास पर विधायक दल की बैठक हुई।
इसमें सभी विधायकों को कानूनी पहलुओं की जानकारी के साथ पहुंचने कहा गया है, जिससे केंद्र पर लगाए जाने वाले आरोपों का जवाब दिया जा सके और नए कानून पर सवाल खड़ा किया जा सके। दो दिन के विशेष सत्र से एक दिन पहले भाजपा विधायक दल की बैठक में पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष कौशिक समेत दस विधायक ही शामिल हुए। कुछ विधायकों की ड्यूटी मरवाही में लगी है, जो मंगलवार को विधानसभा पहुंचेंगे। बैठक से पहले डॉ. रमन ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि प्रदेश में ऐसी कौन सी आपातकाल की स्थिति बन गई, जिसे लेकर विशेष सत्र बुलाई गई है। रमन ने कहा कि धान खरीदी बोलकर विशेष सत्र बुलाई गई है। धान खरीदी का कृषि कानून से कोई मतलब नहीं है। धान की खरीदी समिति के माध्यम से की जाती है। इस कानून का धान खरीदी से कोई लेना है, न देना है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि केंद्र सरकार का कृषि बिल किसान विरोधी नहीं है। राज्य सरकार जो विधेयक ला रही है, उससे भी स्पष्ट है कि केंद्र का कानून किसान विरोधी नहीं है, फिर विशेष सत्र की क्यों जरूरत पड़ गई। सरकार जो विधेयक पेश करेगी, उसमें यह देखा जाएगा कि वह किसानों के कितने हित में है। इसी तैयारी के साथ सभी विधायक पहुंचेंगे।
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