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40 से घटते-घटते स्मार्ट रोड का प्लान 6 किमी में सिमटा

पिछले दो साल से स्मार्ट सड़कों के नाम पर राजधानी में चली कवायद का अंजाम ये हुआ है कि शहर की 40 किमी सड़कों को स्मार्ट रोड में बदलने का प्लान घटते-घटते अब केवल 6 किमी की तीन सड़कों पर ही सिमटकर रह गया है। जनप्रतिनिधियों की कमेटी के सुझाव के बाद स्मार्ट सिटी को ऐसा करना पड़ा है। इससे पहले, शहर में 40 किमी स्मार्ट रोड बनाने के लिए स्मार्ट सिटी कंपनी ने 400 करोड़ रुपए के खर्च का लेखा-जोखा तैयार कर लिया था। जहां तक नई 3 स्मार्ट सड़कों का सवाल है, अभी इनकी जगह भी तय नहीं है लेकिन एक-दो दिन में स्मार्ट सिटी इनके लिए 30.20 करोड़ रुपए का टेंडर जारी कर रही है। टेंडर फाइनल होने के बाद यह सर्वे होगा कि आखिर किन तीन सड़कों को इस प्रोजेक्ट में लिया जाएगा। लेकिन यह तय हो गया है कि जोन-2, जोन-4 और जोन-7 की एक-एक सड़क को स्मार्ट रोड में बदलने या नए सिरे से बनाने की तैयारी है।
अफसरों ने बताया कि तीनों स्मार्ट सड़क का टेंडर फाइनल होने के बाद संबंधित जोन में स्मार्ट सड़क बनाने के लिए सर्वे किया जाएगा। हर सड़क की लंबाई दो किलोमीटर से ज्यादा होगी। करीब दो साल पहले स्मार्ट सिटी कंपनी ने शहर के अंदरूनी और आउटर इलाके में 40 किमी स्मार्ट सड़कों का प्लान तैयार किया था। इसमें करीब 400 करोड़ रुपए के खर्च का आंकलन किया गया। प्लान तैयार होने के बाद जब बजट इतना बड़ा आया और कोई एजेंसी पूरे काम को एक साथ करने के लिए तैयार नहीं हुई, तब स्मार्ट सिटी ने प्लान बदला और छोटे-छोटे पैच में ऐसी सड़कें बनाने का वैकल्पिक योजना तैयार की गई। इसमें 650 मीटर से एक किलोमीटर की दूरी वाली 6 सड़कें बनाने का प्रस्ताव था। लेकिन हाल में फिर इस योजना को भी बदल लिया गया। अब जनप्रतिनिधियों की सलाह के बाद इस तरह का नया सिस्टम बनाया गया है, जिसके तहत टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सर्वे किया जाएगा। हालांकि जिन छोटी-छोटी स्मार्ट सड़कों पर अभी काम चल रहा है, उनका हाल ये है कि महाराजबंध स्मार्ट रोड का फंड आधा काम होने के बाद आईएसबीटी में बन रही अप्रोच रोड के लिए शिफ्ट कर दिया गया। गौरतलब है, इसी महाराजबंद रोड का टेंडर प्रयोग के तौर पर सबसे पहले निकाला गया था।

स्मार्ट सड़क पर नजर नहीं आएंगे झूलते तार
स्मार्ट सड़क में अंडरग्राउंड केबलिंग, ड्रेनेज के स्मार्ट सिस्टम के साथ, साइकिल ट्रैक और रेन वाटर हार्वेस्टिंग का सिस्टम भी होगा। बस स्टॉप, शेयरिंग साइकिल स्टैंड के साथ पब्लिक यूटिलिटी के स्मार्ट टॉयलेट, बैंच और घूमने फिरने के लिए हरी घांस भी रहेगी।सड़कों पर बिजली के तार, पानी की सप्लाई के पाइप, ड्रेनेज सिस्टम से जुड़े पाइप सभी कुछ अंडरग्राउंड रहेंगे।

नई स्मार्ट सड़कें और खर्च

  • जोन - 2 : 10.07 करोड़
  • जोन - 4 : 10.03 करोड़
  • जोन - 7 : 10.10 करोड़

"जोन नंबर दो, चार और सात में स्मार्ट सड़कें बनाई जाएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद यहां सर्वे करवाया जाएगा। सर्वे के आधार पर सड़क बनाने की जगह और दूरी तय की जाएगी।"
-एसके सुंदरानी, जीएम, स्मार्ट सिटी



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