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बस्तर में खुलेंगे 4 से 5 बड़े स्टील प्लांट, युवाओं को मिलेगा रोजगार

सीएम भूपेश बघेल ने टाटा के स्टील प्लांट की वापसी और नगरनार प्लांट के विनिवेश की खबरों से हतोत्साहित बस्तर में औद्योगिक विकास के लिए बड़ी घोषणा की है। उन्होंने बस्तर के विकास और समृद्धि के लिए 4 से 5 बड़े स्टील प्लांट खोलने की सहमति दी है। सरपंच संघ के प्रतिनिधियों से बुधवार को चर्चा में सीएम ने कहा कि शहीद महेंद्र कर्मा की भी इच्छा थी कि दंतेवाड़ा सहित बस्तर अंचल में बड़े उद्योग लगे। उनकी इच्छानुरूप ही बस्तर का विकास किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से गीदम के घोटपाल-हीरानार में उपलब्ध लगभग 500 एकड़ जमीन में उद्योग लगाने के संबंध में ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि इसके लिए किसानों से जमीन लेने की आवश्यकता भी नहीं होगी।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बस्तर अंचल से लौह अयस्क बाहर भेजा जाता है। इस अंचल के दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव सहित अन्य स्थानों में बड़े उद्योग लगने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। वहीं इन उद्योगों से अन्य सहायक उद्योग-धंधे भी प्रारंभ होंगे। इनमें बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। उद्योग लगने से होटल और परिवहन व्यवसाय में बढ़ोतरी होगी। इसका फायदा भी स्थानीय लोगों को मिलेगा।
सरपंचों ने राज्य सरकार द्वारा आदिवासी समाज की आस्था के अनुरूप देवगुड़ी के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की और आभार व्यक्त किया। चर्चा के दौरान गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन की जानकारी ली। सरपंचों ने बताया कि कोरोना संकट के समय गोबर विक्रय से मिली राशि ग्रामीणों के काम आई। गोबर से पैसा मिलने से ग्रामीण खुश हैं। गोठानों में गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाने का काम भी किया जा रहा है। गांवों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत सूखा राशन वितरण की जानकारी दी। सरपंच संघ के अध्यक्ष अनिल कर्मा ने बताया कि सभी पंचायतों में गोठान का कार्य चल रहा है। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर खरीदी व वर्मी कम्पोस्ट बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। पुराने भवनों का जीर्णोद्धार कर युवाओं को कपड़ा दुकान, नाई की दुकान, पंचर रिपेयरिंग जैसे छोटे-छोटे रोजगार उपलब्ध कराने का भी कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर मोपलनार, बड़े सुरोखी, नांगुल और गोठपाल ग्राम पंचायत के सरपंच भी उपस्थित थे ।

सीएम बघेल ने पीएम को लिखा पत्र-बायोफ्यूल उत्पादन की मांगी अनुमति
सीएम भूपेश बघेल ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य के किसानों से खरीदे गए अतिशेष धान को सीधे एथेनॉल संयंत्रों को जैव ईंधन उत्पादन की अनुमति देने का आग्रह किया है। सीएम ने कहा कि इससे राज्य में लगने वाले एथेनाल संयंत्रों को किसान सीधे धान का बेच सकेंगे। इसके साथ ही सीएम बघेल ने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप अधिशेष चावल से एथेनॉल उत्पादन की दर 54.87 रुपए प्रति लीटर निर्धारित करने के लिए पीएम मोदी काे धन्यवाद दिया है। सीएम ने पत्र में लिखा है कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीय जैव नीति 2018 व उसके लक्ष्य की पूर्ति की दिशा में जैव ईंधन के उत्पादन को प्रोत्साहित करने राज्य में उत्पादित अतिरिक्त धान से बायो-एथेनाॅल उत्पादन की अनुमति के लिए विगत 18 माह से लगातार प्रयास कर रही है। भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने इस पर कहा है कि सीएम बघेल सिर्फ धन्यवाद न दें, अब तक पीएम मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ छत्तीसगढ़ के साथ सौतेले व्यवहार का दुष्प्रचार करने के लिए माफी भी मांगें, क्योंकि केंद्र ने बिना किसी पक्षपात के छत्तीसगढ़ को अपेक्षा से अधिक ही सहायता मुहैया कराई है।



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4 to 5 big steel plants to be opened in Bastar, youth will get employment


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