3000 फीट ऊंचाई पर स्थित 100 मीटर लंबी गुफा में विराजी है 200 फीट ऊंची मां खुड़िया रानी की प्रतिमा, अंदर बहती जलधारा से हर मौसम में ठंड का अहसास
जशपुर जिला मुख्यालय से 100 किलोमीटर दूर बगीचा जनपद में 3000 फीट की ऊंचाई पर खुड़िया रानी देवी की पवित्र गुफा है। इन्हें अति पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा के लोग इन्हें अपनी कुल देवी मानते हैं और नवरात्रि में उनकी विशेष पूजा करते हैं। सौ मीटर लंबी गुफा के भीतर साल भर बहती जलधारा यहां दर्शन करने आने वालों को शांति व शीतलता का का अनुभव कराती है। खुड़िया रानी गुफा का प्राकृतिक सौंद्रर्य अद्भुत है। माना जाता है कि यह स्थान खुड़िया दीवान क्षेत्र के रियासत का हिस्सा था। जशपुर जिले के ऊपरी और सामरी इलाके में पहाड़ी कोरवा दीवान समाज के मुखिया का शासन चलता था।
खुड़िया रानी गुफा की खासियत
मुख्य द्वार पर देवी देवताओं की प्रतिमाएं- गुफा के मुख्य द्वार पर प्राकृतिक रूप से मौजूद कई देवी देवताओं की प्रतिमाएं स्थित हैं, यहां भगवान भैरव बाबा, भगवान शिव नंदी की प्रतिमा, मां काली एवं मां शिरंगी की प्रतिमाएं मौजूद हैं। गुफा के आंतरिक भाग में मां खुड़िया रानी की प्रतिमा स्थित है। ऐसी मान्यता है कि यहां प्राचीन समय में गुफा के अंदर ही पूजा अर्चना होती थी, पर एक बार पूजा के दौरान बैगा अपना औजार भूल गए और जब तक लौटते तब तक वहां का कपाट बंद हो गया। यही कारण है कि आज यहां गुफा के बाहर ही पूजा अर्चना होती है।
गुफा इसलिए है खास- गुफा के बाह्य एवं आंतरिक भाग की सुंदरता अलौकिक एवं निराली है, गुफा के बाह्य भाग में स्थित प्राकृतिक परिदृश्य आकर्षक व दर्शनीय है। बाहरी भाग में प्राकृतिक रूप स्थापित 200 फीट ऊंची देवी की प्रतिमा है। गुफा में सालभर शीतल एवं स्वच्छ जलधारा बहती है। गुफा के अंदर पहुंचना आसान नहीं है क्योंकि अंधेरे के कारण वहां विजिबिलिटी काफी कम है। 100 मीटर की लंबी गुफा में बहती शीतल जलधारा से मन को असीम शांति मिलती है। गुफा के ठीक दांयीं ओर एक और प्राकृतिक गुफा भी मौजूद है।
जलप्रपात आकर्षक: पर्यावरणविद् शिवानंद
शिवानंद मिश्रा ने बताया कि श्रद्घा पाठ एवं छिछली पाठ के पठारी भागों से निकलकर यहां डोड़की नदी जगह जगह कई जलप्रपात बनाती है। इसकी जलधारा गुफा में बहती है। गुफा की मूर्ति एवं वास्तुकला भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र है।जशपुर दशहरा में शक्ति पूजा कोरवाओं द्वारा की जाती है। यह पूजा नवरात्रि प्रारम्भ से शुरू होकर दशहरा तक चलती है। जिले के बगीचा विकासखंड के संन्ना क्षेत्र के ‘हर्राड़ीपा’ में यह पूजा की जाती है।
प्राइवेट वाहन या टैक्सी से यहां पहुंच सकते हैं
जशपुर जिला मुख्यालय से खुड़िया रानी की दूरी 100 किलोमीटर है। निजी टैक्सी से सन्ना होकर लोग यहां पहुंच सकते है, जबकि अंबिकापुर से खुड़िया रानी 70 किलोमीटर दूर है। बगीचा और रौनी होते हुए प्रकृति की गोद में बसे खुड़िया रानी पहुंचा जा सकता है। ठहरने के लिए जशपुर में 3 रेस्टहाउस,1 वुड कॉटेज,कुछ निजी होटल उपलब्ध है। सन्ना, बगीचा, पंडरापाठ में रेस्ट हॉउस स्थित है। खुड़िया रानी में पहुंचकर एक किलोमीटर पहाड़ी से नीचे पक्की सीढ़ियों से उतर कर गुफ़ा के अंदर प्रवेश किया जा सकता है, जहां भक्तों का मार्गदर्शन जानकारी देने के लिए बैगा मौजूद रहते है।
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