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24 घंटे में 6 की मौत, दो महिलाएं तो हॉस्पिटल में 12 घंटे भी नहीं रह पाईं

जिले में शुक्रवार-शनिवार की रात के दौरान जांजगीर के कोविड केयर सेंटर में तीन और होम आइसोलेशन में रह रहे एक तथा बिलासपुर के अस्पताल में इलाज करा रहे दो मरीजों सहित छह लोगों की मौत हो गई। इनमें दो महिलाओं की मौत तो अस्पताल पहुंचने के 12 घंटे के अंदर ही हो गई। दोनों महिलाएं कोसला की है। कोरोना से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जांजगीर जिला के अस्पताल में ही उनके रिकॉर्ड के अनुसार 30 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इससे कहीं अधिक मरीजों की मौत अन्य जिलों के अस्पतालों में हो चुकी है। इसे गंभीरता से लेने के बजाय जब सरकार ने हॉस्पिटलाइज कराने के बजाय होम आइसोलेशन की सुविधा दे दी, तो लोगों ने हल्के में लेना शुरू कर दिया है। अस्पतालों के बेड खाली हैं और घरों में मरीज की संख्या बढ़ती जा रही है। शुक्रवार की रात अकलतरा में होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीज की मौत हो गई।

कोसला की महिला खेदिया बाई की तबीयत खराब होने पर उनके परिजन शुक्रवार को इलाज कराने के लिए बिलासपुर लेकर गए। वहां टेस्ट कराने पर वे पॉजिटिव पाई गई। देर रात उनका निधन हो गया। इसी प्रकार इसी गांव की निर्मला तिवारी को भी तबीयत खराब होने पर पहले पामगढ़ सीएचसी लाया गया। लकवा की शिकायत होने पर उन्हें रेफर किया गया, इससे पहले उनकी जांच की गई तो वे भी पॉजिटिव पाई गई। उन्हें ईसीटीसी में भर्ती किया गया। शनिवार की सुबह उनकी भी मौत हो गई। चोरभट्‌ठी की भी एक महिला की मौत जांजगीर के ही ईसीटीसी अस्पताल में हुई, वहीं एक अन्य मरीज की भी मौत शनिवार को जिला में हो गई।

कल से घर-घर जाकर संक्रमितों की करेंगे पहचान

राज्य सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार कोरोना सघन सामुदायिक सर्वे अभियान संचालित किया जाएगा। इसके तहत ग्रामीण और शहरी इलाकों में सोमवार 5 अक्टूबर से घर-घर जाकर कोविड-19 के लक्षणात्मक मरीजों की पहचान की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सघन सामुदायिक सर्वे अभियान के संबंध दिशा-निर्देश जारी किया गया है। जिले में भी विगत कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण की दर में वृद्धि हुई है। इस वैश्विक महामारी पर नियंत्रण के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर लगातार कोशिश की जा रही है।

कोविड-19 संक्रमण के प्रसार की कड़ी को तोड़ने के लिए समुदाय स्तर पर लक्षणात्मक मरीजों की त्वरित पहचान और कोरोना जांच कर आइसोलेट एवं इलाज किया जाना जरूरी है। लक्षण वाले मरीजों की लिस्टिंग की जाएगी तथा गांव में एक सेंटर बनाकर सबका सैंपल लिया जाएगा। एसिम्टोमैटिक होेने पर होम आइसोलेशन की सुविधा दी जाएगी तथा सिम्टोमेटिक मरीजों को कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया जाएगा।

3782 मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ हुए

जिला कंट्रोल एवं कमाण्ड सेंटर से मिली जानकारी के अनुसार 2 अक्टूबर तक कोरोना संक्रमितों के समुचित इलाज के फलस्वरूप जिले में अब तक 3,782 मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ हो चुके हैं। इसके अलावा 1,448 लोगों का इलाज चल रहा है। जांच टीम द्वारा अब तक 59 हजार 940 लोगों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 5,230 मरीजों को कोरोना संक्रमित के रूप में चिन्हांकित किया गया है।

मजाक बन गया होम आइसोलेशन

सरकार ने होम आइसोलेशन की सुविधा दी है, पर इन शर्ताें के साथ कि मरीज के रहने व दिनचर्या के लिए अलग कमरा व अलग टॉयलेट तथा बाथरूम होना ही चाहिए, लेकिन इसकी मॉनिटरिंग कोई नहीं कर रहा है, इसलिए हर व्यक्ति होमआइसोलेशन में जा रहा है। यह भी अनिवार्य है कि उनके घरों में लाल स्टीकर चिपकाया जाएगा यह भी नहीं हो पा रहा है।

.... तो सभी सदस्य को पॉजिटिव माना जाएगा

सीएमएचओ डॉ. एसआर बंजारे ने बताया कि ऐसे लोग जो होम आइसोलेशन में हैं और उनके घरों में सेप्रेट व्यवस्था नहीं है तो उस घर के प्रत्येक सदस्य को कोरोना पॉजिटिव माना जाएगा और सबको गोली खिलाई जाएगी तथा कोविड प्रोटोकाल के तहत ऐसे घरों के लोगों को किसी भी हालत में अपने घर से बाहर निकलने की छूट नहीं दी गई है। अन्यथा उनके विरूद्ध महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई भी होगी।



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6 died in 24 hours, two women could not even stay in hospital for 12 hours


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