बिल्हा ब्लॉक के सेलर ग्राम पंचायत गोठान की महिलाएं रोजाना नेपियर घास से 1 हजार रुपए की आमदनी कर रही है। उनके लिए चारे के तौर पर नेपियर घास आमदनी का बड़ा जरिया बन चुका है। कुल 6 एकड़ में लगे नेपियर घास से रोजाना 7 सौ किलो चारा की बिक्री से उन्हें यह आमदनी हो रही है। जिले के सभी गोठानों में स्थिति भले ही बहुत अच्छी न हो लेकिन कुछ गोठान में अच्छा काम भी हो रहा है। बिल्हा ब्लॉक का सेलर गोठान उनमें से एक है। कुल सात एकड़ के इस गोठान में बड़े पैमाने पर नेपियर घास उगाया जा रहा है। यह काम यहां महारानी लक्ष्मीबाई समूह की 10 महिलाएं कर रही हैं। अब तक इस समूह की महिलाएं 12 क्विंटल नेपियर घास का चारा बेच चुकी हैं। नेपियर घास से होने वाली आय की वजह से ही इसे दूसरे गोठानों में भी उत्पादन के लिए योजना बनाई जा रही है।
10 गोठानों में मल्टीएक्टीविटी की प्लानिंग
अब तक गोठानों वर्मी कंपोस्ट और गोबर का उत्पादन ही प्राथमिकता में था लेकिन अब जिले 10 गोठानों में इस तरह की प्लानिंग की जा रही है कि वहां एक से अधिक काम होंगे जिससे स्व सहायता समूहों की महिलाओं को रोजगार मिल सके। गोबर और वर्मी कंपोस्ट के अलावा मुर्गी पालन,चारा उत्पादन और बत्तख पालन भी रोजगार परक कामों में शामिल होगा। इन कामों को अलग-अलग स्व सहायता समूहों को दिया जाएगा।
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