बीते दस साल की तुलना में इस वर्ष जिले में सबसे अधिक बारिश हुई है। इस वर्ष अब तक 1435.1 मिमी औसत बारिश हुई है। 2011 के बाद यह पहला मौका है जब औसत से ज्यादा बारिश हुई। इसका सीधा असर ठंड और गर्मी पर पड़ेगा। बारिश की तरह ही ठंड भी इस वर्ष रिकार्ड तोड़ सकती है।
जिले में मानसून विदा हो चुका है। इस बार का मानसून ने कई नदी-नालों व झरनों को नया जीवन दे दिया है। कई साल बाद जिले के जलाशयों में जलभराव शत प्रतिशत रहा। बारिश के बाद ठंड ने दस्तक दे दी है। सुबह-शाम ठंड का एहसास लोगों को हो रहा है। लोग हल्के गर्म कपड़ों में नजर अाने लगे हैं। रात में कूलर व पंखे बंद हो चुके हैं और कुछ स्थानों पर तो सुबह के वक्त अलाव जलने शुरू हो गए हैं। ठंड जितनी तेजी से बढ़ रही है, उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल ठंड रिकार्ड तोड़ सकती है। अभी से न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच चुका है।
1 लाख 64 हजार हेक्टेयर में धान की हुई अच्छी पैदावार - धान खरीदी से पूर्व इस वर्ष राजस्व विभाग द्वारा किसानों की खेत में गिरदावरी का काम किया गया है। भू-अभिलेख शाखा के मुताबिक अबतक तहसीलों से आई रिपोर्ट के मुताबिक 1 लाख 64 हजार 365 हेक्टेयर में धान की अच्छी पैदावार हुई है। कहीं भी धान सूखने व मरने की स्थिति नहीं है।गिरने लगी ओस, ठंड का होने लगा अहसास
गिरने लगी आेस, ठंड का होने लगा अहसास
संत गहिरा गुरु संस्कृत कालेज सामरबहार के भूगोल के प्रो.डॉ.विघासागर उपाध्याय ने बताया कि धान की फसल पकने के बावजूद खेतों में नमी है। ओस गिरना शुरू हो गई है। ऐसे में ठंड का एहसास ज्यादा होगा। हर साल दिसंबर व जनवरी के महीने में जिले के पहाड़ी इलाकों में ओस की बूंदें जमती थीं, पर संभावना है कि इस वर्ष नवंबर में यह नजारा दिख सकता है।
5 हजार टन खरीदी का बढ़ाया लक्ष्य
अच्छी फसल को देखते हुए विपणन विभाग ने इस वर्ष धान खरीदी का लक्ष्य बढ़ा दिया है। विपणन अधिकारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि पिछले साल 2019-20 में जिले में लगभग 80 हजार टन धान की खरीदी हुई थी। वहीं इस वर्ष गिरदावरी व नए किसानों के पंजीयन के आधार पर धान खरीदी का लक्ष्य बढ़ाकर 85 हजार टन कर दिया गया है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2TvoUK4
via
Comments
Post a Comment