एबीएम कॉलेज काे बिना किसी सूचना के तीन दिनाें के लिए बंद किए जाने पर गुरुवार काे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में छात्राें ने हंगामा किया। छात्राें का कहना था कि काेराेना संकट के समय छात्र रिस्क लेकर अलग-अलग जगहाें से नामांकन समेत अन्य कार्याें के लिए पहुंचे थे, लेकिन काॅलेज बंद मिला, जिसकी वजह से उन्हें वापस लाैटना पड़ा। उनकी मानें ताे अगर काॅलेज बंद ही करना था ताे इसकी अग्रिम सूचना काॅलेज प्रशासन काे देनी चाहिए थी।
हालांकि, छात्राें के विराेध काे देखते हुए काॅलेज प्रशासन की ओर से दाेपहर में नाेटिस लगा दिया गया, जिसमें लिखा गया कि काेराेना के बढ़ते मामलाें काे देखते हुए काॅलेज काे 10 से 12 सितंबर तक पूरी तरह बंद किया जा रहा है। विराेध प्रदर्शन में छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रेमप्रकाश दुबे, दीपक, प्रवीण कुमार, सचिन, प्रकाश तिवारी, अजय आदि छात्र शामिल थे।
फाइल राेकने के आराेप पर केयू के रजिस्ट्रार ने कहा यह वेबुनियाद, सात दिन के अंदर निपटाते हैं फाइल
झारखंड छात्र माेर्चा द्वारा काेल्हान विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पर फाइल राेकने के आराेप काे रजिस्ट्रार डाॅ. एसएन सिंह ने खारीज कर दिया। उन्हाेंने कहा कि काेई भी फाइल उनके कार्यालय में एक सप्ताह तक नहीं रुकती है, यहां ताे आठ महीने की बात है। उन्हाेंने कहा कि छात्र माेर्चा द्वारा जाे भी आराेप लगाया गया है वह बेबुनियाद व सत्य से परे है। वे जिस मामले की बात कर रहे हैं उस मामले में विश्वविद्यालय ने राज्यपाल काे पहले ही सूचित कर दिया है। झारखंड छात्र माेर्चा ने यह आराेप लगाया था कि जनवरी में ही उन्हाेंने विधायक मंगल कालिंदी काे जल्ला काॅलेज पटमदा की समिति में शामिल करने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन रजिस्ट्रार कार्यालय ने उसे राेक कर रखा है।
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