पूर्वी सिंहभूम जिले में 6 मॉडल विद्यालय पिछले करीब तीन साल से बन कर तैयार हैं। 6 प्रखंडों में स्थित इन स्कूलों के नए भवनों का निर्माण वर्ष 2017 में हुआ है। लेकिन ठेकेदारों ने अब तक इन्हें हैंडओवर नहीं किया है। विभागीय पदाधिकारियों द्वारा पूरी राशि जारी नहीं करने की वजह से ठेकेदार हैंडओवर नहीं कर रहे हैं। इस कारण भवन खंडहर बनते जा रहे हैं। कुछ की दीवारों में दरारें आ गई हैं।
वहीं कुछ में घास-फूस जम गए हैं। इन माॅडल विद्यालयाें का रिजल्ट 90 प्रतिशत से ऊपर रहता है। इसके बावजूद ये दूसरे विद्यालयाें के छाेटे से कमरे में चल रहे हैं। यहां स्थायी शिक्षक भी नहीं हैं। मामले की शिकायत सीएम तक पहुंचने के बावजूद विद्यालय हैंडओवर नहीं हाे रहे हैं।
तीन करोड़ से बना एक स्कूल 6 विद्यालयों पर 18 करोड़ खर्च
छह स्कूलों के भवन निर्माण पर 18 कराेड़ रुपए (प्रत्येक पर 3 कराेड़ रुपए) खर्च हाे चुके हैं। सिर्फ फिनिशिंग का काम बाकी है। विभाग 12 कराेड़ से अधिक की राशि का भुगतान अलग-अलग ठेकेदाराें काे किया जा चुका है। इधर, ठेकेदाराें का कहना है कि पूरी राशि भुगतान के बाद फिनिशिंग कराकर विभाग काे हैंडओवर करेंगे।
यहां चल रहे मॉडल स्कूल
बीआरसी स्थित प्रखंड मवि जल्ला, चाकुलिया: केएनजे हाईस्कूल, बहरागाेड़ा: प्रखंड मुख्यालय मवि बीआरसी कैंपस, धालभूमगढ़ : नरसिंहगढ़ प्लस टू उच्च विद्यालय, घाटशिला : प्रखंड मवि घाटशिला, डुमरिया: अष्टकाेशी हाईस्कूल डुमरिया
माॅडल विद्यालय का पूरा काॅम विभाग की ओर से कराया जा रहा है। राशि का भुगतान भी वहीं से हाेना है। मैं जिले में अभी नया आया हूं। इसलिए अभी इसके बारे में बहुत जानकारी नहीं है।
सच्चिदानंद द्विवेंदु तिग्गा, जिला शिक्षा पदाधिकारी, पूर्वी सिंहभूम
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