Skip to main content

Jharkhand daily news

केयू द्वारा बिना पूर्व सूचना केे फीस बढ़ाेतरी का विराेध बढ़ रहा है। फीस बढ़ाेतरी से केयू 1 कराेड़ 44 लाख रुपए से अधिक राशि जुटाएगा। क्याेंकि विवि. ने पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 480 रुपए की फीस बढ़ोतरी की है। करीब 30 हजार के आसपास छात्र यूजी प्रथम वर्ष में नामांकन लेते हैं। अगर 480 रुपए काे 30 हजार से गुणा करें ताे यह यह राशि 1 कराेड़ 44 लाख से अधिक हाेती है। फीस बढ़ाने से छात्राें में नाराजगी है। छात्र फीस वापसी काे लेकर आंदाेलन की रणनीति बना रहे हैं।

छात्र नेता प्रेम प्रकाश दुबे ने कहा - साेमवार काे फीस वापसी काे लेकर कुलपति से बात करेंगे। दाे साल में छात्र संघ चुनाव नहीं हुआ है लेकिन छात्र संघ मद में फीस ली जाती है। विवि हर छात्र से 20 रुपए लेता है। अगर 30 हजार नामांकन से इसे गुणा करें ताे अकेले यूजी के छात्राें से ही हर साल इस मद में 6 लाख रुपए जबकि पिछले वर्ष पीजी में 6 हजार नामांकन हुआ, पीजी से छात्र संघ मद में करीब 1 लाख 20 हजार रुपए लिए। 7 लाख 20 हजार रुपए से अधिक की राशि ली।

लाॅकडाउन का विवि ने उठाया फायदा

छात्र संघाें का कहना है कि विवि ने लाॅकडाॅउन का ऑनलाइन नामांकन में फायदा उठाया है। इसके तहत छात्र काॅलेज नहीं आ रहे हैं और घर फैठे ही ऑनलाइन नामांकन ले रहे हैं। यही वजह है कि फीस बढ़ाेतरी का मामला सामने नहीं आ रहा था, क्याेंकि नए छात्राें काे पिछले वर्ष की फीस के बारे में पता ही नहीं था। इसलिए विवि ने जाे फीस तय कर दी थी, उसका वे भुगतान किए जा रहे हैं।

फीस बढ़ाेतरी से संबंधित काेई भी जानकारी हमें नहीं है। जहां तक छात्र संघ मद में जाे राशि ली जा रही है, वह पहले से तय है। छात्र संघ चुनाव हाेना व न हाेना उस समय की परिस्थितियाें पर निर्भर करता है। जबकि फीस नामांकन के समय ही ली जाती है।

-डाॅ. एके झा, प्रवक्ता, केयू



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
फाइल फोटो


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2FinWNA
via IFTTT

Comments