Skip to main content

Jharkhand daily news

कोरोना संक्रमण से एक ओर जहां पूरा देश परेशान हैं, वहीं इसी कोरोना काल का एक दूसरा सुखद पहलू भी उभरकर सामने आया है। दिल की बीमारी से पीड़ितों की संख्या में काफी गिरावट आयी है, वहीं पहले से हृदय रोग से पीड़ित मरीजों के भी सेहत में काफी सुधार आया है। शहर के जाने-माने एकमात्र हृदय रोग चिकित्सक डाॅ विजय मूंधड़ा की मानें तो कोरोना के कारण काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले पांच महीने में एक भी मेजर हार्ट अटैक का केस उनके समक्ष नहीं आया है।

उन्होंने बताया कि कोरोना को लेकर हुए लाॅकडाउन में नये हृदय रोगियों की संख्या शून्य हो गयी है, जबकि पहले से हृदय रोग से जूझ रहे मरीजों के भी सेहत में काफी सुधार आया है। इसके पीछे कारण है लाॅकडाउन के कारण लोगों के दिनचर्या में बदलाव आना। लाॅकडाउन के दौरान जहां प्रदूषण कम हुआ, वहीं लोग स्वास्थ्य के प्रति सचेत भी हुए। समय पर खाना-पीना, व्यायाम के साथ-साथ बाहरी भोजन पर भी रोक लगा, जिसका असर लोगों के सेहत पर दिखा। डाॅ मूंधड़ा के अनुसार, लाॅकडाउन से पूर्व रोजाना लगभग एक दर्जन से भी अधिक हृदय रोगी उनके पास पहुंचते थे। जिसमें एक-दो नये मरीज भी हुआ करते थे, लेकिन वर्तमान में इनकी संख्या लगभग शून्य हो गयी है। जो पहले से हृदय रोग से ग्रसित थे, उनकी स्वास्थ्य जांच के बाद बेहतर परिणाम निकल रहे हैं। यह कोरोना काल का गुड इफेक्ट है। उन्होंने बताया कि इस कोरोना काल से सबको सीख लेनी चाहिए और लाॅकडाउन के समय की तरह ही अधिक समय परिवार के संग बिताना चाहिए। जितना कम तनाव लेंगे, उतना ही हृदय रोग से दूर रहेंगे। उन्होंने लोगों से डिसिप्लिन लाइफ बिताने पर जोर दिया। डाॅ मूंधड़ा ने कहा कि कोविड काल के बाद भी लोगों को इस पर मंथन करना चाहिए।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/30hhldF
via IFTTT

Comments