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बारिश थमते ही शहर की बदहाल सड़कों से उड़ने लगी धूल, गड्‌ढों से आवागमन हुआ परेशानी भरा

जशपुर जिले की एक मात्र जीवनदायिनी व सीमाओं को जोड़ने वाली सड़कें इन दिनों अत्यंत जर्जर हो चुकी है। जिले की बदहाल सड़कों जैसा ही हाल शहर की सड़कों का है। शहर की बदहाल सड़कों से नगरवासी अब तंग आ चुके हैं। कुछ महीनों से शहर की दो प्रमुख सड़कों का हाल बेहाल हो चुका है। बारिश के दो महीने में सड़कों के गड्‌ढों में कीचड़ व पानी भरे रहने से ये हादसों का कारण बनते रहे। इसमें लोगों का वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था। एक सप्ताह से बारिश रूकने के बाद शहर की जनता अब धूल से परेशान हो है। सड़क पर किसी भी समय धूल का गुबार आसानी से देखा जा सकता है। सुबह से लेकर रात तक यहां ऐसा कोई समय नहीं जहां धूल की आंधी दिखाई ना दे। दुपहिया वाहन सवार इन दिनों धूल के कोहराम के कारण दिन में भी वाहनों की लाइटें जलाकर चलने को मजबूर हैं। शहर की दो जर्जर सड़कों से दिन भर उड़ने वाली धूल के कारण दमा व खांसी के मरीज घरों से बाहर निकलना छोड़ दिए। दरअसल शहर का एक बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बसा हुआ है, जिसमें निवासरत लोगो को धूल से सबसे अधिक परेशानी हो रही है। उनके मकान एवं प्रतिष्ठान में धूल की मोटी परत जम रही है और घरों के अंदर धूल घुस जा रही है। इससे बड़े बुजुर्ग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। सांसद की फटकार का भी असर नहीं
रायगढ़ जशपुर लोकसभा सांसद गोमती साय ने भी एनएच विभाग के अधिकारियों को शहर की सड़कों को चलने लायक बनाने के लिए कड़ी फटकार लगाई थी, लेकिन एनएच विभाग के संबंधित अधिकारियों को उसकी बातों का असर होता दिखाई नहीं दे रहा। सिर्फ एक ग्रेडर और जेसीबी भेजकर शहर के कुछ गड्ढे ही भरवाए। इससे शहरवासियों को कोई खास राहत नहीं मिली।

बोल्डर से पाट रहे गड्ढे
सड़कों पर बने बड़े-बड़े गड्ढों को पाटने के लिए डस्टनुमा बोल्डर गिट्टी डाला जा रहा है। इस पर रोलर भी नहीं चलाया जा रहा। इससे डस्टनुमा गिट्टी सड़क में इधर उधर बिखर हादसों को न्योता दे रही हैं। एनएच विभाग व इनके ठेकेदार हमेशा से शहरवासियों के जान माल के साथ खिलवाड़ करते आए हैं। ये एक बार फिर सड़कों में डस्टनुमा बोल्डर गिट्टी डालकर अपने कार्यों की खानापूर्ति कर दिए हैं। डस्टनुमा बोल्डर गिट्टी डालने के बाद शहर की सड़कों में अब पहले से और ज्यादा धूल उड़ने लगी है।

सांसद की फटकार का भी असर नहीं
रायगढ़ जशपुर लोकसभा सांसद गोमती साय ने भी एनएच विभाग के अधिकारियों को शहर की सड़कों को चलने लायक बनाने के लिए कड़ी फटकार लगाई थी, लेकिन एनएच विभाग के संबंधित अधिकारियों को उसकी बातों का असर होता दिखाई नहीं दे रहा। सिर्फ एक ग्रेडर और जेसीबी भेजकर शहर के कुछ गड्ढे ही भरवाए। इससे शहरवासियों को कोई खास राहत नहीं मिली।

वार्डों में सीसी सड़क की हो रही मांग
सड़को की बदहाली देखने के बाद शहर में सीसी सड़क बनाने की मांग उठ रही है। पत्थलगांव के युवकों का कहना है कि बारिश में जब गुणवत्ताहीन सड़क का डामर बार-बार बेकार होकर गड्ढों में तब्दील हो जाती है तो क्यों ना शहर के अंदर दोनों प्रमुख मार्ग मे विभाग के द्वारा सीमेंट कांक्रीट की सीसी सड़क बनवा दी जाए। लोगों का मानना है कि सीसी सड़क के साथ ड्रेनेज सिस्टम का विस्तार करने से बारिश का पानी को निकासी करने की सुविधा भी मिल जाती एवं उसके अलावा सड़कों को बारिश के पानी से होने वाले नुकसान से भी बचाया जा सकता है।

पानी का छिड़काव कराया जाएगा
"शहर की सड़क जर्जर हो चुकी है,सड़को में बनें गड्ढों को भरने का प्रयास किया जा रहा है। उड़ती धूल को देखते हुए सड़कों पर पानी का छिड़काव की व्यवस्था की जाएगी।''
-अशोक शेशर, उपयंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग



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As soon as the rain stopped, dust started blowing from the bad roads of the city, the traffic from the pits became troublesome.


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