नक्सली मूवमेंट पर नजर रखने के लिए ड्रोन अब काफी कारगर साबित हो रहे हैं। अब जवान ड्रोन से मिले वीडियो और फुटेज के आधार पर नक्सलियों पर सीधा हमला भी कर रहे हैं। ऐसा ही पहला प्रयोग सुकमा पुलिस ने 9 सितंबर को किया है।
नक्सलियों की टोह लेने के लिए एक ड्रोन को किस्टाराम इलाके में उड़ाया गया था। कुछ देर बाद किस्टारम से करीब साढ़े 4 किमी दूर पलोड़ी के पास कैमरे ने मूवमेंट कैद की। जूम करने पर पता चला कि कुछ नक्सली और इलाके के ग्रामीण एक नाले को पार कर रहे हैं। इसके बाद तत्काल ही पुलिस और सीआरपीएफ जवानों ने इस इलाके में ऑपरेशन लांच किया और कुछ ही घंटों में नक्सलियों और जवानों का आमना-सामाना हो गया। सुकमा एसपी सलभ सिन्हा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि तस्वीर कैद होने के बाद इलाके में हमारे जवान गए थे। यहां नक्सलियों ने 6 से 7 स्थानों पर सड़कें काटी हैं। जैसे ही जवान गए तो नक्सलियों ने फायरिंग भी की। एसपी ने दावा किया कि यहां करीब दो घंटे मुठभेड़ चली। फिर नक्सली भाग गए।
ये है हैरोन ड्रोन की खासियत: हैरोन यूएवी ड्रोन की खासियत है कि यह रात में भी आसानी से टारगेट को कैच करता है और घने जंगलों के नीचे भी टारगेट ढूंढने में कारगर है।
जगदलपुर से एनटीआरओ और कैंपों से उड़ा रहे
बस्तर में नक्सलियों पर नजर रखने के लिए पहले एनटीआरओ भिलाई के नंदनी एयर बेस से इजरायली कंपनी का हैरोन यूएवी ड्रोन उड़ाया जा रहा था। चूंकि भिलाई से बस्तर के अंतिम छोर पर नजर रखने और इसके बाद भिलाई से बस्तर के अफसरों तक सूचना पास करने में दिक्कतें आनी शुरू हुई तो एनटीआरओ ने जगदलपुर एयरपोर्ट से हैरोन ड्रोन उड़ाने की शुरुआत कर दी। इसके अलावा सीआरपीएफ भी ड्रोन का उपयोग कर रही हैं। इसका काफी फायदा मिल रहा है।
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