हॉस्पिटल, मार्केट, पार्क, सिविक सेंटर एरिया चोरों के निशाने पर, सबसे अधिक चोरी के वाहन भिलाई नगर और पद्मनाभपुर पुलिस ने पकड़े
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी से सितंबर महीने के 264 दिनों में 40 लाख कीमत की दो पहिया वाहनों की चोरी हुई। दावा किया जा रहा कि इन चोरियों के 65 % मामलों में रिकवरी भी कर ली गई। सबसे अधिक चोरी के वाहन भिलाई नगर और पद्मनाभपुर पुलिस ने पकड़े।
जिले के 20 थाना क्षेत्रों में ऐसे करीब 30 हॉट स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां नियमित रूप से वाहन चोरी की घटनाएं हो रही। इनमें हॉस्पिटल की पार्किंग, मार्केट एरिया, पार्क व मैरिज गार्डन को निशाना बनाया जा रहा। इतना ही नहीं ट्विनसिटी में सिविक सेंटर, औद्योगिक क्षेत्र व आसपास की शराब भट्टियां चोरों के निशाने पर है।
शहर के जवाहर नगर, राजेंद्र पार्क, मैरेज गार्डन, पावर हाउस, नंदिनी रोड, सिविक सेक्टर, सब्जी मार्केट, रुआबांधा, जुबली पार्क, बीएसपी मेन के बाहर, हथखोज और उद्योगिक क्षेत्र से 8 महीनों में 95 बाइक चोरी हो चुकी है। चोर ऐसे जगहों पर नजर रखते हैं और मौका देख घटना को अंजाम देते हैं।
4 थाने में 120 वाहनों की हो चुकी हैं चोरियां: भिलाई नगर, दुर्ग कोतवाली, सुपेला, मोहन नगर में वाहन चोरी की घटनाएं ज्यादा होती है। इन चारों थानों में पिछले 8 महीनों में 120 वाहन चोरी की घटनाएं हुई। भट्टी, नेवई, रानीतरई, कुम्हारी, नंदिनी, जामुल, धमधा, छावनी, खुर्सीपार, पुरानी भिलाई, उतई, अमलेश्वर और वैशाली नगर में मामले कम हैं। 72 वाहन चोरी के मामले यहां दर्ज हैं।
उड़ीसा पहुंच रहे भिलाई-दुर्ग से चोरी हुए वाहन: चोरी के इन मामलों में पुलिस के पास यह भी खबर है कि वाहनों को उड़ीसा लेकर खपाया जा रहा। वहां वाहनों को पार्ट्स निकालकर ही बेचे जा रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में बेच दिया जा रहा। पुलिस अन्य पहलु भी इक्टठा कर रही है।
इन हॉट स्पॉट से हुई 95 बाइक चोरी: लक्ष्मी मार्केट, अस्पताल की पार्किंग, मछली मार्केट, शराब भट्टी, नेहरु नगर के मार्केट प्लेस, सिंधी कॉलोनी, उरला, रेलवे स्टेशन, होटल व दुकान के बाहर, सुलभ कॉम्प्लेक्स,अरसनारा चौक, कैलाश नगर आदि जगहों से ज्यादातर चोरियां हुई है।
लॉकडाउन में नहीं हुई चोरियां: पुलिस के मुताबिक जिले में लॉकडाउन के दौरान चोरियां नहीं हुई, लेकिन अनलॉक व अन्य के दौरान चोरी की घटनाएं हुई। वर्ष 2019 में करीब सवा सौ वाहन चोरी की वारदात हुई। वर्ष 2017 से अब तक करीब 4761 चोरी की घटनाएं पूरे संभाग में हुई है।
चोरी की प्रमुख वजह- रिपोर्ट के मुताबिक : हैंडल तोड़ना - वाहनों की चोरी में मुख्य वजह से लापरवाही है। इसके अलावा चोर हैंडल लॉक तोड़ने के बाद इंजन स्टार्ट कर भाग खड़े होते हैं। इसमें थोड़ा ही समय लगता है। चंद मिनट लगता है। घटना स्थल पर नहीं मिलता फुटेज- इसी तरह कई घटना स्थल ऐसे है जहां पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होते। कई स्थान में सीसीटीवी कैमरे भी बंद पड़े थे।
चोरी की प्रमुख वजह- रिपोर्ट के मुताबिक: हैंडल तोड़ना - वाहनों की चोरी में मुख्य वजह से लापरवाही है। इसके अलावा चोर हैंडल लॉक तोड़ने के बाद इंजन स्टार्ट कर भाग खड़े होते हैं। इसमें थोड़ा ही समय लगता है। चंद मिनट लगता है। घटना स्थल पर नहीं मिलता फुटेज- इसी तरह कई घटना स्थल ऐसे है जहां पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होते। कई स्थान में सीसीटीवी कैमरे भी बंद पड़े थे।
दूसरे जिलों की अपेक्षा दुर्ग का रिकार्ड बेहतर है
टूव्हीलर चोरी की घटनाओं में पुलिस की रिकार्ड दूसरे जिलों की अपेक्षा में दुर्ग का रिकार्ड बेहतर है। यहां पर वाहन चोरी के मामले में रिकवरी रेट करीब 65% है। ज्यादातर मामलों में वाहन मालिकों की लापरवाही से गाड़ियों चोरी होती है। पुलिस केस दर्ज करने के बाद वाहन जब्त करने का पूरा प्रयास करती है। वहीं घरों में चोरी के मामले में 80% रिकवरी रेट है।
- प्रवीर चंद तिवारी, डीएसपी क्राइम
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