मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालयों में ड्यूटी को लेकर प्रशासन और यूनियनों के बीच चल रहा विवाद थम गया। प्रदेश के दोनों बड़े प्रशासनिक मुख्यालयों में अब अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी वीकली रोस्टर के मुताबिक लगेगी। इस पर दोनों पक्षों में सहमति बन गई है। बसों और दफ्तरों का सेनेटाइजेशन किया जाएगा। कर्मचारियों को लाने-ले जाने के लिए बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। एक दिन पहले ही विवाद बढ़ने पर कर्मचारी संगठनों ने सामूहिक अवकाश की चेतावनी दे दी थी। मुख्यमंत्री बघेल ने सीएस मंडल की इसकी जिम्मेदारी दी थी। इसके बाद सीएस नेे यूूनियन लीडरों से बात की। समझौता होने पर सचिव डीडी सिंह ने सभी विभागों व कार्यालयों के प्रमुखों को रोस्टर के मुताबिक टाइम-टेबल बनाकर मांगा गया है। इसमें कर्मचारी एक-एक हफ्ते ऑल्टरनेट ड्यूटी करेंगे। कोरोना संक्रमण की वजह से मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालयों में दर्जनभर कर्मचारियों की मौत और बड़ी संख्या में स्टाफ के संक्रमित होने पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बन गई थी।
एक हफ्ते काम के बाद 14 दिन आइसोलेशन : संघ के नेताओं ने बताया कि रोटेशन प्रणाली का सरलीकरण किया जाएगा। एक तिहाई उपस्थिति में एक कर्मचारी एक सप्ताह काम करने के बाद 14 दिन तक होम आइसोलेशन पर रहेगा। इससे वायरस का फैलाव रोकने में मदद मिलेगी। वहीं इंद्रावती भवन के पीछे 10 बिस्तर अस्पताल में स्थाई कोरोना टेस्ट की व्यवस्था की जाएगी।
कल से होगा सेनेटाइजेशन, एक तिहाई करेंगे काम
शुक्रवार से रविवार तक मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालयों को सेनेटाइज करने साप्ताहिक रोस्टर बनाने के लिए कहा गया है। अधिकतम एक तिहाई अधिकारी एवं कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जा सकेगी। मंत्रालयों में संयुक्त सचिव, उप सचिव एवं अवर सचिव में से कोई एक इसी प्रकार विभागाध्यक्ष कार्यालयों में अतिरिक्त संचालक, अपर संचालक, उप संचालक में से कोई एक अधिकारी कार्यालयीन समय में उपस्थित रहेंगे। मंत्रालय और संचालनालय में प्रति सप्ताह में पहले तीन दिन स्वास्थ परीक्षण होगा। वहीं जरुरत के मुताबिक बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
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