पुलिस का चालान लेने से इंकार कर रहे लोग इसलिए मैसेज से जुर्माना भेजने नया एप बनाया, इसी के जरिए वर्चुअल सुनवाई भी कर सकेंगे
कोरोना का डर इस कद्र हावी होने लगा है कि लोग ट्रैफिक रूल तोड़ रहे हैं, लेकिन पुलिस से चालान लेने में डर रहे हैं और अधिकांश साफ इंकार करने लगे हैं। राजधानी के तकरीबन हर चौराहे पर ऐसे मामले आ रहे हैं और पुलिस कार्रवाई नहीं कर पा रही है। इस वजह से अब पुलिस ने ट्रैफिक की कार्रवाई के लिए एक ऐसे एप पर काम शुरू कर दिया है, जो सीधे लोगों के मोबाइल नंबर पर चालान का मैसेज कर देगा।
यही नहीं, अगर किसी को चालान नहीं करना है, या उसे कार्रवाई को चुनौती देनी है, तो उसे न वकील करना होगा और न ही कोर्ट जाना होगा। बल्कि यही एप लोगों को वर्चुअल तरीके से सुनवाई की सुविधा भी उपलब्ध करवा देगा। लेकिन इस एप का संचालन पुलिस को एक डिवाइस से करना होगा। इसे बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।
दरअसल ट्रैफिक पुलिस अपनी पूरी कार्रवाई को वर्चुअल कोर्ट करने जा रही है। बनाया जा रहा एप और डिवाइस पुलिस और शासन के गृह विभाग के साथ-साथ परिवहन विभाग से भी लिंक रहेंगे। राज्य सरकार और परिवहन विभाग से लिंक रहेगी।
डीएसपी सतीश ठाकुर ने बताया कि अक्टूबर से रायपुर ट्रैफिक पुलिस इसी डिवाइस के साथ सड़कों पर दिखेगी। इसके साथ ही चालान की रसीद बुकें बंद कर दी जाएंगी और इसी डिवाइस से चालान होंगे। इस डिवाइस में किसी भी गाड़ी का नंबर डालने से उसकी पूरी जानकारी निकल जाएगी। इसमें अलग-अलग नियम में कार्रवाई के लिए विकल्प होगा।
इसे भरकर सबमिट करते ही गाड़ी के रिकार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर पर चालान का मैसेज और साॅफ्ट काॅपी पहुंच जाएगी।
रायपुर को मिलेगी 30 डिवाइस
स्मार्ट सिटी ने रायपुर पुलिस को 30 ई-चालान डिवाइस (हैंड हेल्ड डिवाइस) देना तय किया है। यहां यह व्यवस्था प्रयोग के तौर पर लागू होगी। यहां सफल होने पर इसे प्रदेश एक शहरों में एक-एक कर भेजा जाएगा। इस डिवाइस में कैमरा, रिकॉर्ड के साथ ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा होगी। पुलिसवालों को चालान के लिए अलग से स्वाइप मशीनें नहीं रखनी होंगी। गाड़ी वाले जो भी नियमों का उल्लंघन करेंगे, उसे विकल्प को क्लिक करना होगा। नियम तोड़ने की धारा और जुर्माना की राशि ऑटोमेटिक दिखाई देने लगा। गाड़ी का नंबर डालने पर ई-चालान जनरेट हो जाएगा।
कोर्ट में जुर्माना भी इसी से
लोग चाहें तो अपने मोबाइल एप से ही कोर्ट में भी जुर्माना जमा कर सकेंगे। जिनके पास मौके पर पैसा नहीं है, वे इस विकल्प का उपयोग कर सकते हैं। वर्चुअल कोर्ट एप में इसकी सुविधा होगी। पुलिस मौके पर पूछेगी कि वे जुर्माना अभी देना चाहते हैं, या कोर्ट जाना चाहते हैं। अगर लोग कोर्ट जाएंगे तो पुलिस उनका लाइसेंस या आरसी बुक अपने पास रखेगी। कोर्ट के जुर्माने के बाद इन्हें लौटा दिया जाएगा।
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