स्कूल शिक्षा बोर्ड के तत्वावधान में एसओएस (स्टेट ओपन स्कूल) की अनुपूरक परीक्षा के दौरान बुधवार को एक प्राइवेट स्कूल में नकल के केस बनाने पर प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक सुदर्शन कुमार की अगुवाई वाली फ्लाइंग स्कवाॅड की टीम को ही वहां के स्टाफ ने कमरे में बंधक बना लिया। साथ ही सिग्नेचर शीट देने से भी इनकार कर दिया। सुदर्शन ने बोर्ड के हेल्पलाइन नंबर पर स्थिति के बारे में जानकारी दी और घुमारवीं के एसडीएम को भी सूचित किया।
उन्होंने मौके पर पहुंचकर टीम को कमरे से बाहर टीम वहां से निकल पाई। इस घटना के बाद स्कूल की मान्यता पर तलवार लटक गई है। एसओएस की अनुपूरक परीक्षा बीते मंगलवार से शुरू हुई है। बिलासपुर जिले में इसके लिए 15 सेंटर बनाए गए हैं। बुधवार को 10वीं का हिंदी और 12वीं का इकोनाॅमिक्स का पेपर था। सुदर्शन कुमार की अगुवाई में फ्लाइंग स्कवाॅड सुबह करीब सवा दस बजे घुमारवीं के कुठेड़ा स्थित एक प्राइवेट स्कूल में निरीक्षण के लिए पहंचा। लेकिन चपरासी ने टीम के लिए गेट ही नहीं खोला। काफी जद्दोजहद के बाद टीम 10वीं के परीक्षा हाॅल में पहुंची।
वहां सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद बड़ी संख्या में परीक्षार्थी नकल कर रहे थे। टीम ने 11 छात्रों पर नकल के केस बनाए। उसके बाद टीम 12वीं के परीक्षा हाॅल में पहुंची। हॉल के बाहर नकल की पर्चियां व अन्य सामान पड़ा था। सुदर्शन कुमार के अनुसार परीक्षा केंद्र में कोविड-19 के मद्देनजर न तो थर्मल स्क्रीनिंग और न ही सेनेटाइजर की व्यवस्था थी। परीक्षार्थियों ने मास्क भी नहीं लगाए थे।
फ्लाइंग स्क्वॉड पर ही लगाए नकल सामग्री लाने के आरोप
सुदर्शन कुमार ने बताया कि कोऑर्डिनेटर तथा स्टाफ के सदस्य नकल के केस बनाने को लेकर उनसे उलझ पड़े। उनके आईकार्ड भी चेक किए गए। स्टाफ ने उन्हीं के ऊपर नकल सामग्री लाने के आरोप लगाने शुरू कर दिए। उन्हें सिग्नेचर शीट भी नहीं दी गई। सीसीटीवी फुटेज देखने के लिए वे कमरे में गए तो बाहर से कुंडी लगाकर उन्हें 10 मिनट तक बंधक बनाया गया। उचित कार्रवाई के लिए यह मामला उच्चाधिकारियों को सौंपा जाएगा। वहीं, एसडीएम शशिपाल शर्मा ने कहा कि वीरवार को स्कूल का निरीक्षण करके आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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