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हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का हाल है बेहाल, दीवाराें में सीपेज, खिड़की-दरवाजे भी टूटे

हाउसिंग बोर्ड मकानों के दीवार में सीपेज से लोग परेशान हैं। कॉलोनियों में रहते लोगों को महज 3 से 4 साल ही हुए है। यह हाल सभी कालोनियों में देखने को मिल रहा है। छत पर अक्सर पानी भरने से धीरे-धीरे दीवारों में समाने से सीपेज की समस्या बढ़ गई है।
छतों पर पानी जमाव होने के कारण सीपेज की समस्या हाउसिंग बोर्ड की एमआईजी और एलआईजी टाइप के फ्लैट्स वाली कॉलोनियों में है। छत से धीरे-धीरे पानी रिसते हुए नीचे के सभी घरों की दीवारों को खोखला करते जा रहा है। यह समस्या बारिश के दिनों में जहां अधिक होती है वहीं सामान्य मौसम में भी कम नहीं रहता। जिसका खामियाजा कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को उठाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं जो लोग इस फ्लैट्स को खरीद चुके हैं वे समस्या की वजह से वहां रहना ही नहीं चाहते या फिर किराए में दे दिए हैं।
हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी दोडकाचोरा में रहने वाले राजेश, अनुपमा सिंह, सर्वेश सिंह बताते हैं कि निकासी के लिए पाइपलाइन दो ही जगह दी गई है। छत में ढलान नहीं दिया गया है। इस वजह से पानी उस पाइप लाइन तक नहीं पहुंच रहा है। टंकियों में पानी भरने के बाद वह बहता रहता है और रुक जाता है। बारिश में तो करीब एक फीट तक पानी जमा रहता है।
रिटायर कर्मचारी को 6 साल से नहीं मिला मकान - बोर्ड के अधिकारी 5-6 साल बीत जाने के बाद भी पंजीकरण कराए गए मकानों का आधिपत्य नहीं सौंप सका। सेवानिवृत्त होने के बाद टीके साव ने 2014 में मकान बुक करवाया और मकान का सभी भुगतान करने के बाद भी अब तक मकान नहीं मिला है।

कॉलोनी में सीपेज की शिकायत दूर की जाएगी
"काॅलोनी की समस्या को लेकर किसी तरह की शिकायत आने की जानकारी नहीं हैं। अगर सीपेज की समस्या है तो निराकरण करने के लिए निर्देश दिया जाएगा। स्पाट की जांच के लिए अधिकारी भेजेंगे।''
-एसके शर्मा, संपदा अधिकारी, हाउसिंग बोर्ड, रायगढ़



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