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लीगल टीम के सदस्यों ने कहा - कैचमेंट एरिया का 80% छग में, इसलिए उतना पानी हमारा

छत्तीसगढ़- ओडिशा के बीच चल रहे महानदी जल विवाद के लीगल टीम से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जल के उपयोग को लेकर राज्य का पक्ष मजबूती से रखने के लिए कहा। निवास कार्यालय में लीगल टीम के सदस्यों ए.के. गांगुली, किशोर लाहिड़ी और जगजीत सिंह से सीएम ने कहा कि महानदी छत्तीसगढ़ की जीवन रेखा है। प्रदेश में खेती, उद्योग और अर्थव्यस्था में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। महानदी का अधिकतम जल भराव छत्तीसगढ़ में है। ओडिशा में 50 के दशक में डैम बना है। उस समय विवाद की स्थिति नहीं थी। अब जल भराव की स्थिति बन रही है। बरसात में ज्यादा पानी गिरा और ओडिशा ने अपने अधिकार क्षेत्र के डैम के गेट नहीं खोले तो कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बन जाती है। महानदी के कैचमेंट एरिया का 80 फीसदी छत्तीसगढ़ में होने के बावजूद सिंचाई के लिए इसके पानी का उपयोग पूरी तरह नहीं हो पा रहा है। कई जिलों के किसान मुश्किल से एक फसल ले पा रहे हैं जबकि वहीं ओडिशा के निचले इलाकों में रहने वाले किसान दो से तीन फसल ले रहे हैं।
कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि वर्तमान में कई परियोजनाएं बजट में शामिल की गई हैं। कई बैराज बनाने के प्रस्ताव हैं। छत्तीसगढ़ में सिंचाई का साधन उस अनुपात में कम है। पानी के उपयोग का अधिकार मिलेगा तो सिंचाई के रकबा को और बढ़ाया जा सकता है। कई बार मानसून में पानी नहीं गिरने पर सूखे की स्थिति का सामना करना पड़ता है। राज्य को भी महानदी के पानी का लाभ मिलना चाहिए। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन और सुब्रत साहू, जल संसाधन सचिव अविनाश चंपावत और मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रूचिर गर्ग भी उपस्थित थे।



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Members of the legal team said - 80% of the catchment area is in Cg, so that much water is our


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