जिले से कुपोषण को खत्म करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत नगत पिला (स्वस्थ बच्चा) कार्यक्रम चलाया जा रहा है। प्रारंभिक चरण में नगत पिला कार्यक्रम से जिले के 1827 आंगनबाड़ी केंद्र में दर्ज 57 हजार बच्चों को जोड़ा गया है। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन एवं महिला स्वसहायता समूहों द्वारा सभी 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों का वजन लिया गया।
पूर्व में वजन त्योहार 2019 के अनुसार जब 57 हजार बच्चों का वजन लिया गया था तो उसमें लगभग 19975 बच्चे कुपोषित पाए गए थे, परंतु वर्तमान में नगत पिला कार्यक्रम के तहत अब तक 56 हजार से अधिक बच्चों का वजन लिया गया है। इसमें 43990 बच्चे सामान्य पोषण स्तर पर पाए गए। वहीं 10650 बच्चे मध्यम कुपोषित एवं 2052 बच्चे गंभीर कुपोषित पाए गए हैं।
बच्चों को दवा व पौष्टिक भोजन दिया जाएगा
कुपोषण के कारणों का पता लगाने के बाद बच्चों को दवा एवं सलाह के साथ पौष्टिक भोजन दिया जाएगा। यह कार्य ग्राम की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों एवं स्थानीय स्वसहायता समूहों के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रशासन द्वारा एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, जो माह में कम से कम दो बार उक्त पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करेंगे एवं शासन की योजनाओं एवं सेवाओं की समीक्षा करेंगे। जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की बैठक में अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। यह योजना सितंबर 2020 से मार्च 2021 तक संचालित होगी। अंत में फिर से सभी बच्चों की स्क्रीनिंग की जाएगी।
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