कृषि विज्ञान केंद्र में बुधवार को दिनभर तनातनी का माहौल रहा। यहां के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ नारायण साहू पर पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष व भाजपा नेता मनीष सुराना ने बदसलूकी के आरोप लगाए हैं। इस बात को लेकर 11:30 बजे से शुरू हुआ बवाल शाम साढ़े 4 बजे तक चला। बात इतनी बढ़ गई कि केवीके के वैज्ञानिकों को पुलिस बुलानी पड़ गई।
दरअसल पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने बताया कि उन्हें खबर मिली थी कि केवीके की डेयरी में गायें बीमार हैं और एक गाय की मौत हो गई। यहां गायों की देखभाल नहीं की जा रही है, नतीजतन गायें बीमार पड़ रही हैं। इसकी हकीकत जानने वे कृषि विज्ञान केंद्र गए थे। जहां वरिष्ठ वैज्ञानिक के चेम्बर में घुसते ही नाराज हो गए व अभद्रता पर उतर आए। पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने इसकी शिकायत कलेक्टर दीपक सोनी, जिला पंचायत सीईओ अश्वनी देवांगन से भी की। यहां बवाल की खबर के बाद ग्राम पंचायत सरपंच आनन्दी प्रमिला सुराना, पंच भी पहुंच गए। तब तक वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. साहू दंतेवाड़ा के लिए निकल चुके थे।
पर्याप्त चारी भी नहीं देते
सरपंच ने कहा कि गायों को पर्याप्त दाना, चारा तक नहीं दिया जा रहा। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई। बल्कि पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष से हुई अभद्रता के लिए सभी माफी मांगने अड़ गए और केवीके के परिसर में बैठ गए। बवाल होता देख वैज्ञानिकों ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस भी मौके पर पहुंची। बाद में डॉ साहू खुद इन सभी के बीच पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच बात हुई।
सीधी बात
डॉ नारायण साहू, पीवरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र दंतेवाड़ाफ
सवाल - पूर्व ज़िला पंचायत उपाध्यक्ष ने आप पर अभद्रता के आरोप लगाए हैं।
-बुधवार की सुबह मैं अपने चेम्बर में स्टाफ की मीटिंग ले रहा था। एकाएक मेरे चेम्बर में मनीष सुराना घुस गए। उन्होंने मेरे स्टाफ के सामने मुझसे कड़े शब्दों में बात की। मैंने उनसे किसी तरह की अभद्रता नहीं की, सारे आरोप निराधार हैं।
सवाल - डेयरी में गायें व बछड़े के मौत की जानकारी मिली है
-यहां की डेयरी में एक भी गाय या बछड़े की मौत नहीं हुई है। सभी स्वस्थ है। एक बछड़े की तबियत थोड़ी खराब थी, दवाई दी जा रही है, अब सही है। गाय के मौतों की गलत जानकारी मिली है।
सवाल - आरोप है गायों के दाना-चारा में कटौती की जा रही है, जिसकी वजह से गायों को पर्याप्त भोजन नहीं मिलता।
-दो एकड़ में हमने पर्याप्त हरा चारा लगाया है। इस मौसम में हरा चारा होने के कारण दाना कम होता है। गायों को पर्याप्त दिया जा रहा है।
सवाल - आरोप इस बात के भी हैं कि आपने केंद्र की डेयरी के निरीक्षण के लिए रोकने अभद्रता की
-मैंने उन्हें इंकार नहीं किया। यहां सबकुछ सही है कोई भी आकर देख सकता है। वैज्ञानिकों ने केंद्र की डेयरी सहित अन्य जगह के भी सरपंच, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष व उनके साथ आए लोगों का भ्रमण करा दिया है।
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