बुधवार को प्रशासन व कृषि विभाग ने परलकोट इलाके में खाद की कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करते एक गोदाम में डंप यूरिया खाद की बड़ी खेप के रूप में 368 बोरी रासायनिक खाद जब्त की। जमाखोरी करने वाले किराना व्यापारी ने खाद को गोदाम में छुपाया था जिसे खोजने टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। खाद मिलते ही व्यापारी गोदाम से फरार हो गया।
प्रशासन ने कार्रवाई करते गोदाम को सील कर दिया। भास्कर द्वारा लगातार जिले तथा विशेषकर परलकोट क्षेत्र में यूरिया की कालाबाजारी को लेकर खबरें प्रकाशित की जा रही थी जिसके बाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई की।
कृषि विभाग को सूचना मिली थी की गोंडाहूर कालोनी स्थित किराना संचालक हरिमोहन दास ने यूरिया सहित अन्य खाद का स्टाक किया है जिसे किसानों को दो से तीन गुना दाम में बेच रहा है। विभाग ने सूचना पखांजूर तहसीलदार को दी। तहसीलदार शेखर मिश्रा समेत टीम गोंडाहूर पहुंची।
दुकान के कुछ दूर टीम को एक किसान यूरिया ले जाता मिला जिससे पूछताछ में उसने यूरिया हरिमोहन की दुकान से प्रति बोरी 420 रुपए में खरीदना बताया। टीम किराना दुकान पहुंची लेकिन वहां यूरिया नहीं मिला। पूछताछ से भी कुछ जानकारी नहीं मिली तो टीम ने आसपास की दुकानों में तलाशी ली। कहीं खाद नहीं मिलने से टीम परेशान हो गई। काफी जांच पड़ताल के बाद टीम को वह गोदाम मिला जिसमें खाद छुपाकर रखा गया था।
टीम को गोदाम का पता चलते ही वहां खड़ा दुकानदार फरार हो गया। खाद पकड़े जाने के बाद आसपास के किसानों की मौजूदगी में पंचनामा कर गोदाम सील कर दिया। कार्रवाई में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी कोयलीबेड़ा सीआर भास्कर, पखांजूर पटवारी हेमंत वर्मा, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी रथिन बैनर्जी, रितेश पटेल, मानिक साहा, रथिन विश्वास शामिल थे।
भास्कर ने उठाया था मुद्दा... टीम कार्रवाई करने निकली तो फरार हो गए थे मुनाफाखोर
परलकोट इलाके में पिछले कुछ सालों से खाद की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी हो रही है। इस मुद्दे को लेकर भास्कर ने 18 अगस्त को प्रमुखता से खबर भी प्रकाशित की थी जिसके बाद प्रशासन े इलाके के कई दुकानों में दबिश दी थी। बांदे के संजय फर्जीलाइजर, संगम के जय प्रकाश कृषि सेवा केंद्र में अधिक दाम में खाद बेचना पाया गया था। दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई लेकिन इस कार्रवाई से खाद के कालाबाजारी करने वालों में एेसा हड़कंप मचा की वे अपनी दुकानें बंद कर कुछ दिनों के लिए गायब हो गए थे।
दोगुने दाम पर बेच रहे थे : खेती के सीजन में यूरिया की कालाबाजारी होती है। 266 रुपए की यूरिया 500 रुपए तक बेची जा रही है। जिस गोदाम से खाद जब्त की गई उसमें 224 बैग यूरिया के अलावा अमोनियम सलफेट 23 बोरी, डीएपी 23 बोरी, एमओपी 36 बोरी, मैग्निशियम सलफेट 19 बोरी तथा एनपीकेएस 43 बोरी कुल 368 बोरी खाद थी।
बिना लाइसेंस अर्से से कर रहा कालाबाजारी
गोंडाहूर कालोनी स्थित किराना दुकान में सालों से यूरिया की कालाबाजारी की जा रही है। चौंकाने वाली बात है कि किराना व्यापारी के पास खाद बेचने लाइसेंस तक नहीं है फिर भी वह ट्रकों से सैकड़ों बोरों की खेप गोदाम में डंप कर बेच रहा है।
राजनांदगांव से सप्लाई
व्यापारी अपने गोदाम में यूरिया राजनांदगांव से ला रहा है क्योंकि गोंडाहूर इलाका राजनांदगांव जिले से लगा हुआ है। जब भी इलाके में खाद की किल्लत होती है कालाबाजारी करने व्यापारी राजनांदगांव से रातों रात ट्रकों में बुलवा लेते हैं।
खाद जब्त, गोदाम सील
पखांजूर तहसीलदार शेखर मिश्रा ने बताया खाद की कालाबाजारी करने व अवैध रूप से रखे 368 बोरी करते गोदाम सील कर दिया गया है। कार्यवाही के लिए मामला कृषि विभाग को सौंपा जा रहा है।
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